खबर के अनुसार बिहार के 20 जिलों में अभी जमीन का सर्वे किया जा रहा हैं। इस सर्वे के दौरान लोगों के जमीन के कागज तैयार किये जा रहे हैं। बहुत जल्द राज्य के अन्य जिलों में भी जमीन सर्वे का काम शुरू किया जायेगा, ताकि जमीन के विवाद को दूर किया जा सके।
बता दें की जमीन सर्वे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद खेत के सभी कागजात ऑनलाइन हो जायेंगे। लोग ऑनलाइन के द्वारा अपने खेत के कागजात निकाल सकेंगे, इससे लोगों को खेत से संबंधित सभी तरह के कागजात आसानी के साथ मिल जाएंगे।
बिहार में खेत के ये तीन कागज सभी के पास होनी चाहिए?
खतियान : जिस कागजात में मौजे के पूरा वर्णन के साथ रकवा , प्लाट नंबर , मौजे काम नाम , परगना , तौजी नंबर , जिला, पता के साथ जमीन रैयत की पूरी डिटेल्स होती हैं, उस कागजात को खतियान करते हैं।
केवाला : केवाला से तात्पर्य है सम्पति का वो कागजात जिसके आधार पर कोई व्यक्ति अपनी सम्पति पर दावा कर सकता हैं।
लगान रसीद : दरअसल सरकार जमीन मालिकों से जमीन का लगान वसूल करती हैं। इसके लिए सरकार के द्वारा लगान रसीद दिया जाता हैं।

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