खबर के अनुसार नए वित्तीय वर्ष से बिहार को इसकी उत्पादन का 85% उत्पादन देने का लक्ष्य है, लेकिन मजदूरों द्वारा अचानक स्ट्राइक पर जानें से इसमें देरी हो सकती हैं। इस थर्मल पावर प्लांट के निर्माण में लगे मजदुर हड़ताल पर गए हुए हैं।
बता दें की पावर प्लांट में काम करने वाले मजदूरों ने शिकायत दर्ज की है की हमलोगों को बोर्ड रेट नहीं मिलता है और 8 घंटा के अलावा 12 घंटा ड्यूटी कराया जाता है और हमे आठ घंटे का पेमेंट भी समय पर नहीं दिया जाता हैं। जिसकी वजह से हम हड़ताल पर हैं।
दरअसल बक्सर जिले के चौसा में पावर प्लांट 1283 एकड़ जमीन पर बनाया जा रहा हैं। सतलुज जल विद्युत निगम के अधिकारियों के मुताबिक निर्माण का 80 फीसदी काम पूरा हो गया हैं। लेकिन मजदूरों के हड़ताल से काम में देरी हो रही हैं।

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