केंद्रीय बजट में उत्तर प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में कैंसर के इलाज के लिए डे-केयर कैंसर सेंटर स्थापित करने का प्रावधान किया गया है। इससे न केवल कैंसर पीड़ितों को राहत मिलेगी, बल्कि यह प्रदेश के 75 जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं को भी एक नई दिशा देगा।
कैंसर के इलाज के लिए नई शुरुआत
कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी का इलाज समय पर और सस्ते दरों पर मिलना बहुत ही जरूरी है। बहुत से मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, जिससे न केवल उन्हें भारी खर्च का सामना करना पड़ता था, बल्कि दूर-दराज के इलाकों से आने-जाने में समय और ऊर्जा भी बर्बाद होती थी। अब कैंसर के इलाज के लिए जिला स्तर पर डे-केयर कैंसर सेंटरों की स्थापना से यह समस्या हल होगी। इन सेंटरों में कैंसर के रोगियों को कीमोथेरेपी जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं प्राप्त हो सकेंगी, और उन्हें इलाज के लिए शहरों में भाग-दौड़ नहीं करनी पड़ेगी।
ग्रामीण इलाकों को मिलेगा लाभ
यह पहल खासतौर से ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों के लिए वरदान साबित होगी। उत्तर प्रदेश के कई ग्रामीण क्षेत्रों में कैंसर के इलाज की सुविधाएं न के बराबर हैं। ऐसे में, मरीजों को इलाज के लिए शहरों में आने-जाने में कठिनाई होती है। लेकिन अब, जिलों में कैंसर डे-केयर सेंटरों के खुलने से यह समस्या हल हो जाएगी। मरीजों को न केवल समय पर इलाज मिलेगा, बल्कि उन्हें किफायती दरों पर उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सुविधाएं भी प्राप्त होंगी।
किफायती और सुलभ इलाज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
कैंसर के इलाज में लगने वाली लागत अक्सर मरीजों के लिए बहुत बड़ी चुनौती बनती है। लेकिन अब केंद्र सरकार की योजना के तहत दवाओं की कीमतों में कमी और जिलों में कैंसर सेंटरों की स्थापना से इलाज सस्ता और सुलभ होगा। इससे न केवल बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि इलाज की प्रक्रिया भी तेज और प्रभावी हो सकेगी।

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