सरकार की योजना
गुजरात सरकार ने स्मार्ट मीटर को लेकर कई पहलुओं पर विचार करते हुए यह प्रस्ताव रखा है कि जिन उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर लगवाए हैं, उन्हें दोपहर के समय यानी 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच बिजली की खपत पर 0.45 पैसे प्रति यूनिट की छूट दी जाएगी। यह योजना 1 अप्रैल 2025 से लागू होने की संभावना है, और इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा के अधिकतम उपयोग की ओर प्रोत्साहित करना है, क्योंकि सौर ऊर्जा का उत्पादन मुख्य रूप से दिन के इस समय में होता है।
दोपहर में बिजली पर छूट क्यों?
यह निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि सौर ऊर्जा का उत्पादन दिन के मध्य में अधिकतम होता है, और इस समय बिजली उत्पादन की लागत भी कम होती है। राज्य सरकार ने बिजली की आपूर्ति में सुधार के लिए सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। इससे ऊर्जा की लागत में कमी आएगी, और उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली मिल सकेगी। इस समय के दौरान अगर उपभोक्ता बिजली का उपयोग करते हैं, तो उन्हें 0.45 पैसे प्रति यूनिट की छूट मिलेगी।
स्मार्ट मीटर के लाभ और चुनौतियाँ
स्मार्ट मीटर के कई फायदे हैं, जैसे कि बिजली उपभोक्ताओं की खपत का सटीक रिकॉर्ड, बिजली बिलों में पारदर्शिता, और ऊर्जा वितरण व्यवस्था में सुधार। इसके अलावा, यह मीटर विद्युत उपभोक्ताओं को अपनी खपत की जानकारी रियल-टाइम में देता है, जिससे वे अपनी बिजली खपत को नियंत्रित कर सकते हैं। इसके बावजूद, स्मार्ट मीटर के विरोध के कारण, सरकार को इन मीटरों की स्थापना में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

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