डेस्क: शास्त्रों की बात करें तो बहुत दिनों के बाद सूर्य और चन्द्रमा शुक्र पर्वत पर निवास कर रहा हैं। जिससे कुछ राशियों की कुंडली में विवाह योग का निर्माण हो रहा हैं। इस विवाह योग के निर्माण होने से उन राशि वाले लोगों के घर शादी की शहनाई बज सकती हैं और इनके जीवन में खुशियां आ सकती हैं। आज इसी संदर्भ में ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे उन राशि वाले लोगों के बारे में जिन राशि वाले लोगों के घर 21 मार्च से शादी की शहनाई बज सकती हैं। तो आइये जानते हैं विस्तार से।
वृष और कुंभ राशि, शास्त्रों के अनुसार सूर्य और चन्द्रमा के शुक्र पर्वत पर निवास करने से वृष और कुंभ राशि वाले लोगों के लगन भाव में विवाह योग का निर्माण हो रहा हैं। जिससे इनकी शादी ठीक हो सकती हैं और 21 मार्च से इनके जीवन में शादी की शहनाई बज सकती हैं। इस राशि के वैसे लोग जिनके लिए शादी के रिश्ते आ रहे हैं। उनकी शादी ठीक हो जाएगी और ये लोग बहुत जल्द शादी के रिश्तों में बंध जाएंगे। इनके जीवन में आने वाली सभी समस्या समाप्त हो जाएगी और इन्हे एक अच्छा लाइफ पार्टनर मिल सकता हैं। आपको शिव जी की पूजा करनी चाहिए।
कन्या और तुला राशि, 21 मार्च से बन रहा विवाह योग कन्या और तुला राशि के लोगों के लिए बेहद खास हैं। इस विवाह योग से इनकी शादी बहुत जल्द संपन होगी और इन्हे मनचाहा लाइफ पार्टनर मिल सकता हैं। इनकी कुंडली के लगन भाव में ग्रहों का संयोग इनके अनुकूल हैं। जिससे इनके घर में शादी की शहनाई बज सकती हैं और इन्हे एक खुशहाल वैवाहिक जीवन मिल सकता हैं। इस राशि के अविवाहित लड़कियों के लिए विवाह के कई रिश्ते आ सकते हैं। लेकिन आप शादी विवाह करने का फैसला सोच समझकर लें। आपके लिए महादेव की पूजा करना शुभ रहेगा तथा आपको एक अच्छा जीवनसाथी प्राप्त होगा।
मकर और मिथुन राशि, 21 मार्च के बाद मकर और मिथुन राशि वाले लोगों के शादी विवाह में आ रही बाधाएं समाप्त हो जाएगी। इनके लगन भाव में सूर्य, गुरु और चंद्र का प्रभाव उत्तम रहेगा। जिससे इनके घरों में शादी की शहनाई बज सकती हैं और ये लोग अपने किसी मनचाहा साथी के साथ विवाह के बंधन में बंध सकते हैं। विवाह योग का निर्माण आपकी कुंडली के सप्तम भाव में हो रहा हैं जो आपके लिए एक शुभ संकेत हैं। इस राशि के कुछ जातक सगाई कर सकते हैं तो कुछ के लिए अच्छे घरों से रिश्ता आ सकता हैं। सफल वैवाहिक जीवन के लिए मकर और मिथुन राशि के लोगों को भगवान कृष्ण की पूजा करनी चाहिए।

0 comments:
Post a Comment