साइंस डेस्क: इस दुनिया में जितने भी वैज्ञानिक होते हैं वो सभी वैज्ञानिक नोबेल पुरस्कार जितना चाहते हैं। क्यों की नोबेल पुरस्कार दुनिया का सबसे बड़ा पुरस्कार होता हैं। लेकिन आपको पता होगा की गणित के छेत्र में नोबेल पुरस्कार नहीं दिया जाता हैं। आज इसी विषय में जानने की कोशिश करेंगे उन बातों के बारे में जिसके कारण गणित के छेत्र में वैज्ञानिकों को नोबेल पुस्कार नहीं दिया जाता हैं। तो आइये इसके बारे में जानते हैं विस्तार से।
मिशिगन यूनिवर्सिटी के गणितज्ञ लिझेन जी ने इस बात को जानने के लिए एक शोध किया। उन्होंने 2013 में हुए इंटरनेशनल कांग्रेस ऑफ चाइनीज मैथेमेटीशियंस के जर्नल में इस बारे में लिखा। गणितज्ञ लिझेन जी ने बताया है कि अल्फ्रेड नोबेल अपने काम में गणित का ज्यादा उपयोग नहीं करते थे और न ही वह गणित में रुचि लेते थे। यानी ऐसे प्राकृतिक कारणों से गणित के लिए नोबेल पुरस्कार देने की बात कभी अल्फ्रेड नोबेल के दिमाग में आई ही नहीं। जिसके कारण उन्होंने गणित को नोबेल पुस्कार की सूचि से बाहर रखा।
1 .भौतिकी और रसायनशास्त्र ये दोनों क्षेत्र इसलिए नोबेल पुरस्कार दिया जाता है की अल्फ्रेड नोबेल इसी छेत्र के वैज्ञानिक थे।
2 .चिकित्सा को अल्फ्रेड नोबेल हमेशा अहमियत देते थे। वह चाहते थे कि चिकित्सा के क्षेत्र को बढ़ावा मिले। इसलिए उन्होंने इसे नोबेल पुरस्कार में रखा।
3 .अल्फ्रेड नोबेल जान युवा थे तो वे खुद नाटक व कविताएं लिखा करते थे। इसलिए उन्होंने साहित्य को भी नोबेल प्राइज में रखा। इसमें इनकी बहुत रूचि थी।
4 .शांति के क्षेत्र को इसलिए चुना क्योंकि अल्फ्रेड नोबेल को उम्मीद थी कि बेरोनेस बर्था सटनर को शांति के लिए एक दिन यह पुरस्कार जरूर मिलेगा। सटनर वो महिला थीं जिनके साथ नोबेल का रिश्ता रहा था। ऐसा हुआ भी। अल्फ्रेड नोबेल की मृत्यु के कुछ साल बाद वर्ष 1905 में सटनर को उनके उपन्यास 'ले डाउन योर आर्म्स' के लिए नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया था।

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