हेल्थ डेस्क: आज के वर्तमान समय में पूरी दुनिया स्पेस में जाने की कोशिश कर रहा हैं। यहां तक नासा दूसरे ग्रह पर बस्ती बसाने की कोशिश कर रहा हैं। लेकिन लोगों के मन में इस बात की चिंता हैं की क्या इंसान स्पेस में सेक्स कर सकता हैं और अपने जनरेशन को बढ़ा सकता हैं। आज इसी विषय में जानने की कोशिश करेंगे नासा की राय के बारे में की इसको लेकर नासा के वैज्ञानिक क्या कहते हैं। तो आइये इसके बारे में जानते हैं विस्तार से।
अमेरिका के स्पेस रिसर्च एजेंसी नासा के पूर्व प्रमुख रहे मेजर जनरल (रिटायर्ड) चार्ल्स फ्रैंक बोल्डन जूनियर से बात की कि आखिर स्पेस में सेक्स करने और बच्चे पैदा करने की क्या संभावनाएं हैं। इस सवाल के जवाब में चार्ल्स ने कहा कि स्पेस में कुछ भी करने का कोई अलग तरीका नहीं है बल्कि सबकुछ वैसे ही किया जाता है जैसे धरती पर, अंतर सिर्फ इतना है कि चूंकि वहां गुरत्वाकर्षण नहीं होता लिहाजा शरीर को कंट्रोल में रखना मुश्किल होता है।
हालांकि नासा के एक दूसरे साइंटिस्ट जॉन मिलिस की मानें तो स्पेस में सेक्स करना ठीक वैसा ही होगा जैसा स्काइडाइविंग करते हुए इंटरकोर्स करना। इस दौरान हर एक पुश या थ्रस्ट आपको पार्टनर के करीब लाने की बजाए विपरित दिशा में धकेलेगा। अंतरिक्ष में अगर दोनों व्यक्ति सही तरीके से बंधे न हों तो हल्का सा टच भी दोनों पार्टनर को एक दूसरे के साथ खड़े रहने में मुश्किलें पैदा कर सकता है। इससे सेक्स करने में काफी परेशानी हो सकती हैं। लेकिन ये नामुमकिन नहीं हैं।
मिलिस कहते हैं कि जब कोई इंसान किसी ऐसी जगह पर होता है जहां गुरुत्वाकर्षण नहीं होता तो वहां पर खून आपके शरीर के निचले हिस्सों खासकर जननांगों में जाने की बजाए सिर की ओर बढ़ता है। इस वजह से महिला और पुरुष दोनों के लिए ही उत्तेजना महसूस करना मुश्किल हो जाता है। साथ ही स्पेस में मेल टेस्टोस्टेरॉन लेवल तेजी से गिरने लगता है और स्पेस में जाने वाले ऐस्ट्रोनॉट्स के सेक्स ड्राइव यानी कामेच्छा में कमी आने लगती है। मिलिस का कहना हैं की अभी वैज्ञानिकों को इसपर और रिसर्च करने की जरूरत हैं।

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