हेल्थ डेस्क: साल 2015-16 में हुए नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-4 के अनुसार 15 से 19 साल की लड़कियां सबसे ज्यादा एनीमिया की गिरफ्त में हैं। जो एक चिंता का विषय हैं। आज इसी विषय में जानने की कोशिश करेंगे कुछ बातों के बारे में जिन बातों को ध्यान में रख कर लड़कियां इस बीमारी से छुटकारा पा सकती हैं। तो आइये इसके बारे में जानते हैं विस्तार से।
एनीमिया की बीमारी :
मेडिकल साइंस के एक अध्ययन के अनुसार लड़कियों में एनीमिया की बीमारी खून की कमी के कारण होता हैं। इससे लड़कियां खुद को अस्वस्थ महसूस करती हैं। साथ ही साथ उनके शरीर में थकान और कमजोरी बनी रहती हैं। इससे लड़कियों को काफी परेशानियों का भी सामना करना पड़ता हैं। एनीमिया के कारण चक्कर आने की समस्या और बॉडी दर्द की समस्या होती हैं।
एनीमिया की बीमारी से बचने के लिए लड़कियों को आईएफए टैबलेट का सेवन विटामिन सी युक्त आहार जैसे नीबू, संतरा, आंवला आदि के साथ किया जाना चाहिए। भोजन में मेथी, पालक, बथुआ, सरसों, गुड़ आदि की मात्रा बढ़ानी चाहिए। अंकुरित दालों को हरी पत्तेदार सब्जियों के साथ पकाकर खाना चाहिए। इससे शरीर में नए ब्लड सेल्स का निर्माण होता हैं तथा इससे खून की कमी दूर होती हैं। जिसके कारण लड़कियों को एनीमिया की बीमारी से छुटकारा मिल जाता हैं।
इस बीमारी से बचने के लिए लड़कियों को डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए तथा समय समय पर ब्लड की जांच करानी चाहिए। इतना ही नहीं इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए लड़कियों को प्रतिदिन आयरन युक्त आहार जैसे अनार, चुकंदर, अखरोट, सेब, पालक आदि का सेवन करना चाहिए। इससे शरीर में ब्लड का निर्माण तेजी के साथ होता हैं और एनीमिया की बीमारी दूर हो जाती हैं। इसलिए सभी लड़कियों को इस बात का ख्याल रखना चाहिए ताकि इस खतरनाक बीमारी से बचा जा सके।

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