बता दें की बिहार के खगड़िया, जमुई, शिवहर, शेखपुरा, सहरसा, सीतामढ़ी, जहानाबाद, नालंदा, चंपारण, पूर्णिया, बांका, बेगूसराय, मधेपुरा, मुंगेर, लखीसराय, सुपौल, अररिया, अरवल, कटिहार और किशनगंज में जमीन सर्वे का काम चल रहा हैं।
जमीन सर्वे के फायदे।
1 .बिहार में जमीन सर्वे से सबसे बड़ा फायदा यह होगा की जमीन को लेकर जो वाद-विवाद होता था वो अब समाप्त हो जायेगा।
2 .जमीन सर्वे से बिहार में सभी लोगों का नया खतियान बनेगा और यह खतियान लगातार अपडेट होता रहेगा। इससे लोगों की समस्या खत्म हो जाएगी।
3 .जमीन सर्वे हो जानें के बाद जमीन के वास्तविक मालिकों का तुरंत पता चल पाएगा। इससे लोगों की परेशानियां दूर हो जाएगी।
4 .सर्वे के बाद जमीन के खतियान की हार्ड कॉपी और डिजिटल कॉपी भी तैयार होगी। साथ ही साथ जमीन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हो जाएगी।
5 .बिहार में जमीन की खरीद बिक्री के बाद खतियान निरंतर अपडेट होता रहेगा। इससे लोगों की परेशानियां समाप्त हो जाएगी।

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