मिली जानकारी के मुताबिक अगर आपकी जमीन आपके दादा, परदादा या ऐसे वक्तियों को नाम हैं जो जीवित नहीं हैं। उन लोगों को पहले अपना वंशवृक्ष/वंशावली बनानी होगी। इसके लिए उन्हें वंशावली का फॉर्म भरकर जमा करना होगा।
खबर के मुताबिक वंशावली में ये जानकारी देनी होगी की आपके पास जो जमीन है वो आपके दादा, परदादा के नाम हैं और वो जीवित नहीं हैं। साथ ही साथ आपको फॉर्म में अपना पता के साथ साथ जमीन की पूरी डिटेल्स भी सही-सही भरनी होगी।
इस वंशावली के फॉर्म को सही सही भरकर जमा करें। सर्वे के दौरान वो जमीन जीवित रैयत के नाम हो जाएगी और जीवित रैयत के नाम से नया खतियान भी तैयार किया जायेगा। इससे आपकी जमीन से जुड़ी सभी प्रकार की परेशानियां भी खत्म हो जाएगी।

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