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केंद्र सरकार का बड़ा फैसला! पोस्ट ऑफिस में पैसा लगाने वालों के लिए आई राहत की खबर

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने छोटी बचत योजनाओं में निवेश करने वालों के लिए अहम फैसला लिया है। वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही यानी अक्टूबर से दिसंबर 2026 के दौरान इन योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ऐसे में निवेशकों को अगले तीन महीनों तक पिछली तिमाही वाली दरों पर ही ब्याज मिलेगा।

1 अक्टूबर से लागू रहेंगी पुरानी दरें

सरकार के फैसले के मुताबिक 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक छोटी बचत योजनाओं पर वही ब्याज दरें जारी रहेंगी, जो जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान लागू थीं। यानी इस अवधि में न तो ब्याज दर बढ़ेगी और न ही इसमें कटौती होगी।

छोटी बचत योजनाएं उन लोगों के बीच लोकप्रिय हैं, जो सुरक्षित तरीके से रकम जमा करके भविष्य के लिए बचत करना चाहते हैं। सरकार इन योजनाओं की ब्याज दरों की हर तीन महीने में समीक्षा करती है।

निवेशकों पर क्या पड़ेगा असर?

इस फैसले से नए निवेश करने वालों को पिछली तिमाही वाली ब्याज दर का ही लाभ मिलेगा। वहीं, पहले से निवेश कर चुके लोगों पर भी तत्काल कोई बदलाव नहीं होगा और संबंधित योजना के नियमों के अनुसार ब्याज मिलता रहेगा।

अब अगली समीक्षा जनवरी 2027 में होगी। उस समय सरकार जनवरी से मार्च की तिमाही के लिए ब्याज दरों में बदलाव या मौजूदा दरों को बरकरार रखने का फैसला कर सकती है।

बुध-शुक्र की युति से बनेगा लक्ष्मी नारायण योग, 5 राशियों की चमकेगी किस्मत! बढ़ेगी धन-समृद्धि

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 20 अक्टूबर से बुध और शुक्र की युति तुला राशि में बनने वाली है। बुध और शुक्र की इस युति को लक्ष्मी नारायण योग कहा जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं में बुध को बुद्धि, कारोबार और वाणी का कारक माना जाता है, जबकि शुक्र सुख-सुविधा, धन और भौतिक समृद्धि से जुड़े ग्रह माने जाते हैं। ऐसे में इस योग का प्रभाव कुछ राशियों के लिए शुभ माना जा रहा है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह योग आर्थिक मामलों में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। व्यापार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिलने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को भी काम में नई जिम्मेदारी मिल सकती है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए बुध-शुक्र की युति करियर और धन के लिहाज से शुभ मानी जा रही है। रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं और आय के नए स्रोत बनने के अवसर मिल सकते हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक लाभ और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ाने वाला हो सकता है। व्यापार में नए संपर्क बन सकते हैं। निवेश से जुड़े फैसलों में लाभ की संभावना बन सकती है, हालांकि निर्णय सोच-समझकर लेना उचित रहेगा।

तुला राशि

बुध और शुक्र की युति तुला राशि में ही बन रही है, इसलिए इस राशि के जातकों के लिए यह समय विशेष माना जा रहा है। आत्मविश्वास बढ़ सकता है और करियर व व्यापार से जुड़े मामलों में नए अवसर सामने आ सकते हैं।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। आय बढ़ाने के प्रयास सफल हो सकते हैं और आर्थिक स्थिति में सुधार के योग बन सकते हैं। कारोबार करने वालों को भी नए सौदे मिल सकते हैं।

बिहार में रेल कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार, नई रेल लाइन का दूसरा टेंडर जारी

न्यूज डेस्क। बिहार के भागलपुर और आसपास के इलाकों के लिए रेल कनेक्टिविटी से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। विक्रमशिला-कटरिया न्यू डबल रेल लाइन परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए रेलवे ने दूसरा टेंडर जारी किया है। करीब 832 करोड़ रुपये के इस टेंडर में स्टेशन, एप्रोच रेल लाइन, पुल और जंक्शन से जुड़े कई जरूरी काम शामिल हैं।

परियोजना के तहत गंगा के दक्षिणी हिस्से को विक्रमशिला और शिवनारायणपुर स्टेशनों से जोड़ा जाएगा, जबकि उत्तरी छोर पर यह कटरिया की ओर जाने वाली मुख्य रेललाइन से जुड़ेगी। इससे भागलपुर, कोसी और सीमांचल क्षेत्र के बीच रेल संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है।

दो नए स्टेशन और कई पुल बनेंगे

नई रेल परियोजना में बटेश्वर स्थान धाम और कालूचक नाम से दो नए स्टेशन प्रस्तावित हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए दो रेल ओवरब्रिज और एक अंडरपास भी बनाया जाएगा। मुख्य गंगा रेल पुल के अलावा 26 छोटे और मध्यम पुलों का निर्माण भी परियोजना का हिस्सा है। शुरुआत में रेललाइन सिंगल ट्रैक के रूप में तैयार की जाएगी, लेकिन भविष्य में इसे डबल ट्रैक में बदलने की संभावना को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त जगह रखी जाएगी।

421 एकड़ से ज्यादा जमीन का अधिग्रहण

परियोजना के लिए भागलपुर जिले के 16 मौजों में करीब 421.60 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के साथ परियोजना से जुड़े निर्माण कार्यों को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।

रेलवे के मुताबिक, गंगा पर बनने वाला मुख्य रेल पुल अलग एजेंसी के जरिए तैयार किया जाएगा, जबकि स्टेशन और एप्रोच रूट समेत अन्य सिविल कार्य दूसरे टेंडर के तहत होंगे। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य को गति मिलने की उम्मीद है। परियोजना पूरी होने पर कई क्षेत्रों के यात्रियों को बेहतर और सीधा रेल मार्ग मिल सकता है।

चीनी को लेकर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, आम लोगों के लिए खुशखबरी!

नई दिल्ली। त्योहारी सीजन को देखते हुए केंद्र सरकार ने चीनी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए नया कदम उठाया है। सरकार ने चीनी डीलरों के लिए स्टॉक लिमिट घटाकर 1,000 क्विंटल कर दी है। यह व्यवस्था 15 अक्टूबर से 30 नवंबर तक लागू रहेगी। इसके तहत डीलर अधिकतम 15 दिनों तक ही चीनी का स्टॉक अपने पास रख सकेंगे।

सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य बाजार में चीनी की सप्लाई लगातार बनाए रखना और जमाखोरी पर रोक लगाना है। इससे त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को पर्याप्त मात्रा में चीनी उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।

कोलकाता और असम में अलग होगी सीमा

हालांकि, कोलकाता और असम को नई स्टॉक लिमिट से अलग रखा गया है। इन दोनों क्षेत्रों के लिए अधिकतम सीमा 2,000 क्विंटल तय की गई है। सरकार ने यह व्यवस्था स्थानीय जरूरतों और परिवहन से जुड़ी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए की है।

चीनी की कीमतों में आई गिरावट

सरकार के मुताबिक, स्टॉक लिमिट से जुड़े कदमों का असर बाजार में दिखाई दे रहा है। अगस्त के ऊंचे स्तर की तुलना में खुदरा चीनी की कीमतों में करीब 15 प्रतिशत तक कमी आई है। वहीं एक्स-मिल कीमतों में लगभग 28 प्रतिशत की गिरावट बताई गई है।

मिलों को पेराई शुरू करने की सलाह

सरकार ने चीनी मिलों से अपने क्षेत्र की परिस्थितियों के अनुसार गन्ने की पेराई शुरू करने को कहा है। साथ ही सरकार उत्पादन और उपलब्धता पर लगातार नजर रख रही है, ताकि घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त आपूर्ति बनी रहे और किसानों तथा उपभोक्ताओं के हितों के बीच संतुलन कायम रखा जा सके।

बिहार में बनेगा 8 किलोमीटर लंबा बाईपास, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी!

न्यूज डेस्क। बिहार के औरंगाबाद जिले के दाउदनगर में ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने के लिए करीब 8 किलोमीटर लंबे फोरलेन बाईपास के निर्माण की तैयारी तेज हो गई है। यह बाईपास एनएच-139 पर बनाया जाएगा। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 288 करोड़ रुपये बताई गई है।

बाईपास तैयार होने के बाद पटना और औरंगाबाद की ओर आने-जाने वाले वाहनों को दाउदनगर शहर के बीच से होकर गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे खास तौर पर भखरुआ चौक पर वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद है और शहर के लोगों को आवागमन में राहत मिल सकती है।

भखरुआ चौक के पूरब से गुजरेगा रूट

प्रस्तावित बाईपास दाउदनगर-पटना मार्ग पर बीएड कॉलेज के पास एनएच-139 से शुरू होगा। इसके बाद यह औरंगाबाद की दिशा में आगे बढ़ते हुए नासरीगंज रोड ओवरब्रिज के पास दोबारा एनएच-139 से जुड़ेगा। बाईपास में एनएच-120 के ऊपर ओवरब्रिज का भी प्रावधान किया गया है।

जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी

परियोजना के लिए करीब 29.08 हेक्टेयर जमीन की जरूरत है। अमौना, सिपहा, नीमा, अंकोरहा समेत आठ मौजों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए प्रशासन की ओर से टीम गठित की गई है और प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण भी किया जा चुका है।

टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में

बाईपास निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में बताई जा रही है। प्रशासन भूमि अधिग्रहण का काम जल्द पूरा करने की कोशिश कर रहा है, ताकि निर्माण शुरू करने में देरी न हो। परियोजना पूरी होने के बाद दाउदनगर शहर के भीतर भारी यातायात का दबाव कम होने और पटना-औरंगाबाद मार्ग पर सफर आसान होने की उम्मीद है।

केंद्र सरकार का बड़ा तोहफा! बिहार में बनेंगी नई सड़कें, आवागमन होगा आसान

पटना। बिहार में सड़क और एक्सप्रेसवे नेटवर्क को विस्तार देने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा प्लान तैयार किया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि आने वाले वर्षों में राज्य में हाईवे और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। इससे बिहार के अलग-अलग हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।

पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे को जल्द मंजूरी

बिहार इन्वेस्टर मीट 2026 के दौरान गडकरी ने बताया कि पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को केंद्रीय कैबिनेट से जल्द मंजूरी मिलने की संभावना है। करीब 245 किलोमीटर लंबी इस परियोजना के लिए लगभग 32 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह पूरी तरह नई सड़क परियोजना होगी और इसके लिए केंद्र स्तर से वित्तीय मंजूरी पहले ही मिल चुकी है।

रामजानकी पथ का काम जारी

केंद्रीय मंत्री के मुताबिक 440 किलोमीटर लंबे रामजानकी पथ का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसे नवंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा करीब 45,190 करोड़ रुपये की लागत से रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे का निर्माण भी कराया जा रहा है। इस परियोजना का लगभग 400 किलोमीटर हिस्सा बिहार से होकर गुजरेगा।

बढ़ी नेशनल हाईवे की लंबाई

गडकरी ने बताया कि बिहार में नेशनल हाईवे का नेटवर्क पिछले वर्षों में काफी विस्तृत हुआ है। वर्ष 2014 में राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई करीब 4,615 किलोमीटर थी, जो अब बढ़कर लगभग 6,500 किलोमीटर हो गई है। वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे समेत कई अन्य महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है।

यूपी में बनेगा IT सदन! एक ही छत के नीचे मिलेंगी सभी सेवाएं, सरकार की बड़ी तैयारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आईटी और इलेक्ट्रानिक्स क्षेत्र को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार IT सदन बनाने की तैयारी कर रही है। केंद्र सरकार के इलेक्ट्रानिक्स निकेतन की तर्ज पर प्रस्तावित इस भवन में आईटी एवं इलेक्ट्रानिक्स से जुड़े विभागों और संस्थाओं के कार्यालय एक ही जगह लाने की योजना है। इसके लिए करीब 50 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है और उपयुक्त जमीन की तलाश शुरू हो चुकी है।

एक जगह से होगा कामकाज

अभी आईटी एवं इलेक्ट्रानिक्स विभाग से जुड़ी कई संस्थाएं अलग-अलग भवनों से संचालित हो रही हैं। यूपीसीएल, यूपी डेस्को, श्रीट्रान, एआई मिशन और स्टार्टअप मिशन समेत कई संस्थाओं का काम बढ़ने के साथ विभाग का दायरा भी विस्तृत हुआ है। प्रस्तावित IT सदन में प्रमुख सचिव से लेकर संबंधित संस्थाओं के प्रबंध निदेशकों तक के कार्यालय एक ही परिसर में रखने की योजना है।

AI और स्टार्टअप पर बढ़ रहा फोकस

प्रदेश में डाटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, स्टार्टअप, इंक्यूबेशन सेंटर और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जैसे क्षेत्रों में गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। निवेशकों के साथ लगातार बैठकें भी हो रही हैं। ऐसे में विभाग को एक समर्पित कार्यालय मिलने से योजनाओं की निगरानी और आपसी समन्वय को आसान बनाने की उम्मीद है।

चक गंजरिया समेत कई जगहों पर जमीन देखी

आईटी एवं इलेक्ट्रानिक्स विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने 11 सितंबर को एलडीए उपाध्यक्ष के साथ संभावित स्थलों का निरीक्षण किया था। चक गंजरिया के पास की जमीन को भी विकल्प के तौर पर देखा गया है। इसके अलावा राजाजीपुरम और सरोजनीनगर में बंद हो चुकी अपट्रान की खाली जमीनों पर भी विचार किया जा रहा है। विभाग का कहना है कि उपयुक्त भूमि मिलने के बाद IT सदन के निर्माण की दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

यूपी में जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र को लेकर बड़ा बदलाव! नई व्यवस्था हुई लागू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया में बदलाव अब लागू हो गया है। नए नियम के तहत दो साल से अधिक पुराने जन्म या मृत्यु के मामलों का पंजीकरण प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद ही किया जाएगा। यानी ऐसे मामलों में अब केवल प्रशासनिक स्तर से आदेश लेकर प्रमाणपत्र बनवाना संभव नहीं होगा।

देरी से आवेदन पर अलग-अलग नियम

यदि जन्म या मृत्यु की सूचना एक साल के बाद लेकिन दो साल के भीतर दी जाती है, तो संबंधित मामले में जिला मजिस्ट्रेट (DM), उपजिलाधिकारी (SDM) या अधिकृत कार्यपालक मजिस्ट्रेट के सत्यापन और आदेश के बाद पंजीकरण किया जा सकेगा।

वहीं, दो साल से ज्यादा समय बीतने के बाद आवेदन करने पर प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश अनिवार्य होगा। इसके बाद ही जन्म या मृत्यु का पंजीकरण आगे बढ़ाया जाएगा।

पुराने मामलों में बढ़ी प्रक्रिया

नई व्यवस्था के बाद नगर निकायों में दो साल से पुराने मामलों की प्रक्रिया भी बदल गई है। केंद्रीय जन्म-मृत्यु पंजीकरण पोर्टल पर ऐसे आवेदन दर्ज करते समय न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश की जानकारी मांगी जा रही है। इससे पुराने मामलों के आवेदकों को पहले अदालत से आवश्यक आदेश प्राप्त करना होगा।

यह बदलाव जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 में किए गए संशोधन के बाद लागू किया गया है। इसका उद्देश्य देरी से होने वाले पंजीकरण की प्रक्रिया में सत्यापन और कानूनी निगरानी को मजबूत करना है।

यूपी सरकार की बड़ी तैयारी, शिक्षकों के लिए खुशखबरी, मिलेगी तरक्की!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षकों के लिए लंबे समय बाद पदोन्नति का रास्ता खुलता नजर आ रहा है। बेसिक शिक्षा परिषद ने सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को शिक्षकों की वरिष्ठता सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस प्रक्रिया से करीब 70 हजार शिक्षकों को प्रमोशन का लाभ मिलने की संभावना है।

23 अक्टूबर तक भेजनी होगी सूची

शिक्षकों के मुताबिक वर्ष 2016 के बाद परिषदीय विद्यालयों में बड़े स्तर पर पदोन्नति नहीं हुई है। अब परिषद ने वरिष्ठता सूची तैयार करने के लिए करीब तीन सप्ताह का समय दिया है। सभी जिलों से सूची 23 अक्टूबर 2026 तक परिषद कार्यालय भेजी जानी है। इसके बाद नवंबर से पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है।

किन पदों पर मिलेगा प्रमोशन?

पदोन्नति के तहत प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को प्रधानाध्यापक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के पद पर अवसर मिल सकता है। इसी तरह परिषदीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापकों को उच्च प्राथमिक स्कूलों में प्रधानाध्यापक पद पर पदोन्नति दी जाती है।

3.30 लाख शिक्षकों में 70 हजार को लाभ

प्रदेश में करीब 3.30 लाख परिषदीय शिक्षक कार्यरत बताए गए हैं, जिनमें से लगभग 70 हजार को पदोन्नति का लाभ मिलने की उम्मीद है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत छात्र संख्या के आधार पर विद्यालयों में प्रधानाध्यापक के पद स्वीकृत किए जाते हैं।

यूपी को मिलेंगे 8 नए एक्सप्रेस-वे, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को और मजबूत करने की दिशा में आठ नए लिंक और एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट पर काम तेज किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के टेंडर को अंतिम रूप देने के लिए अलग-अलग समयसीमा निर्धारित की गई है। अधिकारियों को तय अवधि में प्रक्रिया पूरी करने और प्रोजेक्ट की लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। UPEIDA के रिकॉर्ड में भी आगरा-लखनऊ से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे लिंक और अन्य लिंक परियोजनाओं के लिए निविदा प्रक्रियाएं दर्ज हैं।

इन एक्सप्रेस-वे के टेंडर होंगे फाइनल

फर्रुखाबाद लिंक, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक, झांसी लिंक और जेवर लिंक एक्सप्रेस-वे के टेंडर 15 अक्टूबर तक फाइनल करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं चित्रकूट लिंक एक्सप्रेस-वे की प्रक्रिया 30 अक्टूबर तक पूरी करने की समयसीमा तय की गई है।

इसके अलावा मेरठ-हरिद्वार लिंक, विंध्य एक्सप्रेस-वे और विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के टेंडर नवंबर के अंत यानी 30 नवंबर तक अंतिम रूप देने का लक्ष्य है। झांसी लिंक परियोजना के लिए UPEIDA के ई-टेंडर रिकॉर्ड में ग्रीनफील्ड, छह लेन और आठ लेन तक विस्तार योग्य सड़क का प्रावधान भी दर्ज है।

बीडा में जमीन अधिग्रहण ने पकड़ी रफ्तार

बैठक में बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) की प्रगति की भी समीक्षा हुई। कुल 56,662 एकड़ भूमि के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 28,874 एकड़ जमीन का अधिग्रहण पूरा किया जा चुका है। बीडा की महायोजना-2045 को 25 अक्टूबर तक मंजूरी दिलाने के निर्देश दिए गए हैं।

मेडिकल डिवाइस पार्क में शुरू हुआ निर्माण

ग्रेटर नोएडा के मेडिकल डिवाइस पार्क में आवंटित भूखंडों पर भी काम आगे बढ़ रहा है। अब तक 28 आवंटियों ने निर्माण शुरू कर दिया है, जबकि छह भवन तैयार हो चुके हैं और एक इकाई में उत्पादन भी शुरू हो गया है। जिन इकाइयों में अभी निर्माण शुरू नहीं हुआ है, वहां प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके साथ ही यूपी इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स और यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए बाकी भूमि अधिग्रहण को भी गति देने पर जोर दिया गया।

3 अक्टूबर को बनेंगे 2 शुभ योग! 4 राशियों को मिलेगा लाभ, धन-करियर में बढ़ेगी तरक्की

राशिफल। 3 अक्टूबर 2026 का दिन ज्योतिष के लिहाज से कुछ राशियों के लिए खास माना जा रहा है। इस दिन वरीयान योग दोपहर बाद तक रहेगा, इसके बाद परिघ योग का प्रभाव शुरू होगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इन योगों का सकारात्मक असर कुछ राशियों के करियर, आर्थिक स्थिति और कामकाज पर देखने को मिल सकता है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए दिन कामकाज के लिहाज से अच्छा रह सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी या महत्वपूर्ण अवसर मिल सकता है। कारोबार से जुड़े लोगों को भी लाभ के नए रास्ते दिखाई दे सकते हैं।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए आर्थिक मामलों में राहत मिलने के संकेत हैं। रुका हुआ पैसा मिलने या आय के नए साधन बनने की संभावना बन सकती है। कार्यक्षेत्र में किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात भविष्य में फायदा दे सकती है।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को करियर में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं। लंबे समय से अटका कोई काम पूरा होने की संभावना है। कारोबार करने वालों के लिए नई योजना शुरू करने या महत्वपूर्ण सौदा आगे बढ़ाने का समय अनुकूल रह सकता है।

तुला राशि

तुला राशि के लोगों को मेहनत का बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद है। नौकरी में प्रगति के अवसर बन सकते हैं और व्यापार में भी नए संपर्क लाभ पहुंचा सकते हैं। आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए किए गए प्रयास सफल हो सकते हैं।

FD के नए नियम लागू! RBI ने बदले नियम, अब बड़े FD पर ऐसे तय होगा ब्याज

नई दिल्ली। बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कराने वाले ग्राहकों के लिए 1 अक्टूबर 2026 से नए नियम लागू हुए हैं। हालांकि, इसका असर हर FD पर नहीं पड़ेगा। ₹3 करोड़ या उससे अधिक की एकल FD या टर्म डिपॉजिट करने वाले बड़े जमाकर्ताओं के लिए ब्याज दर से जुड़ी जानकारी को अधिक पारदर्शी बनाने की व्यवस्था की गई है। ऐसी जमा राशि को बल्क डिपॉजिट की श्रेणी में रखा जाता है।

छोटी FD वालों को घबराने की जरूरत नहीं

अगर आपकी FD ₹3 करोड़ से कम की है, तो सिर्फ इस बदलाव की वजह से उसकी ब्याज दर 1 अक्टूबर से अपने आप नहीं बदलेगी। पहले से चल रही FD भी उन्हीं शर्तों और दर पर जारी रहेगी, जिन पर उसे खोला गया था। यानी ₹5 लाख, ₹10 लाख, ₹50 लाख या ₹2 करोड़ की मौजूदा FD पर इस नियम का सीधा असर नहीं है।

बड़ी FD पर ब्याज दर की जानकारी

नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य बड़ी रकम जमा करने वाले ग्राहकों को FD कराने या रिन्यू करने से पहले बैंक की लागू ब्याज दर की जानकारी उपलब्ध कराना है। बैंक अपनी वेबसाइट पर बल्क डिपॉजिट की दरें प्रदर्शित करेंगे, जिससे ग्राहक रकम जमा करने से पहले उपलब्ध दर को देख और तुलना कर सके।

समान परिस्थितियों में एक ही बैंक में समान प्रकार की बल्क डिपॉजिट पर ब्याज दरों को लेकर पारदर्शिता बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है।

पुरानी FD का क्या होगा?

मौजूदा FD की ब्याज दर केवल नए नियम लागू होने के कारण रीसेट नहीं होगी। इसका प्रमुख असर उन ग्राहकों पर होगा जो ₹3 करोड़ या उससे अधिक की नई FD करा रहे हैं या ऐसी FD को रिन्यू करा रहे हैं। कंपनियां, संस्थान, ट्रस्ट और बड़े व्यक्तिगत जमाकर्ता इस व्यवस्था से खास तौर पर प्रभावित हो सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट में सरकारी नौकरी! JCA के 250 पदों पर भर्ती, ग्रेजुएट युवाओं के लिए मौका

नई दिल्ली। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे ग्रेजुएट युवाओं के लिए सुप्रीम कोर्ट से अच्छी खबर है। Supreme Court of India ने Junior Court Assistant (JCA) के 250 पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 7 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी और इच्छुक उम्मीदवार 28 अक्टूबर 2026 रात 11:55 बजे तक आवेदन कर सकेंगे। भर्ती का आधिकारिक विज्ञापन 30 सितंबर 2026 को जारी किया गया है।

कौन कर सकता है इसके लिए आवेदन?

Junior Court Assistant के पद के लिए उम्मीदवार के पास भारत में मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री होना जरूरी है। इसके साथ कंप्यूटर चलाने का ज्ञान और कंप्यूटर पर कम से कम 35 शब्द प्रति मिनट की टाइपिंग स्पीड भी आवश्यक है। आयु सीमा की बात करें तो उम्मीदवार की उम्र 1 सितंबर 2026 को 18 से 30 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आरक्षित वर्गों के अभ्यर्थियों को नियमानुसार आयु में छूट का लाभ मिल सकता है।

₹35,400 से शुरू होगी बेसिक सैलरी

Junior Court Assistant का पद Group-B Non-Gazetted श्रेणी में आता है। चयनित उम्मीदवारों को Pay Matrix के Level-6 के तहत नियुक्त किया जाएगा। पद की शुरुआती बेसिक पे ₹35,400 प्रति माह है। इसके अलावा नियमों के अनुसार अन्य भत्ते भी मिलेंगे।

28 अक्टूबर तक करें आवेदन

इस भर्ती में आवेदन करने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। उम्मीदवारों को निर्धारित तिथि से आवेदन लिंक सक्रिय होने के बाद सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर फॉर्म भरना होगा। आवेदन करने से पहले अभ्यर्थियों को भर्ती विज्ञापन में दी गई पात्रता, परीक्षा प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों से जुड़ी सभी शर्तें ध्यान से देख लेनी चाहिए।

खुशखबरी की हुई घोषणा! बिहार में एकसाथ 3 नई भर्ती शुरू, ऐसे करें आवेदन

पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भर्ती से जुड़ी कई अहम अपडेट सामने आई हैं। राज्य में मत्स्य प्रसार पदाधिकारी, भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी और स्कूल शिक्षक के पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। इन भर्तियों के जरिए हजारों पद भरे जाएंगे। इच्छुक अभ्यर्थियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

1 .मत्स्य प्रसार पदाधिकारी के 231 पद

बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) ने मत्स्य निदेशालय के तहत मत्स्य प्रसार पदाधिकारी (Matsya Prasar Padadhikari) के 231 पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे हैं। यह भर्ती डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के अंतर्गत होगी। अभ्यर्थी BTSC की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अवधि 24 सितंबर से 23 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित की गई है।

2 .पशु चिकित्सा पदाधिकारी के पद

BTSC ने बिहार पशु चिकित्सा सेवा के मूल संवर्ग में भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी (Touring Veterinary Officer) और समकक्ष पदों पर नियमित नियुक्ति के लिए भी आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती के लिए भी ऑनलाइन आवेदन 24 सितंबर से 23 अक्टूबर 2026 तक किए जा सकते हैं। आवेदन आयोग की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन पूरा करना होगा।

3 .TRE-4.0 में 32,388 शिक्षक पद

बिहार में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए भी बड़ा अवसर है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने Teacher Recruitment Examination 4.0 (TRE-4.0) के तहत शिक्षा विभाग में 32,388 स्कूल शिक्षक पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। यह भर्ती विज्ञापन संख्या 14/2026 के तहत है।

TRE-4.0 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 25 सितंबर 2026 से शुरू होने और 26 अक्टूबर 2026 को समाप्त होने का कार्यक्रम दिया गया है। ऐसे में योग्य उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले संबंधित भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन ध्यान से पढ़ना चाहिए और पात्रता, दस्तावेज तथा अन्य शर्तों की जांच कर आवेदन करना चाहिए।

आवेदन से पहले नोटिफिकेशन जरूर देखें

बिहार में एक साथ अलग-अलग विभागों में निकली इन भर्तियों से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को कई अवसर मिल रहे हैं। हालांकि, आवेदन करने से पहले अभ्यर्थियों को संबंधित आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध आधिकारिक विज्ञापन, पात्रता और आवेदन संबंधी निर्देश जरूर देख लेने चाहिए।

LPG ग्राहकों के लिए खुशखबरी! अब 5 किलो के गैस सिलेंडर पर भी सब्सिडी

नई दिल्ली: रसोई गैस की कीमतों के बीच छोटे सिलेंडर का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत 5 किलो वाले LPG सिलेंडर पर भी सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। इसकी राशि 14.2 किलो वाले सिलेंडर पर मिलने वाली तय सब्सिडी के अनुपात में निर्धारित की जाती है। यानी 5 किलो सिलेंडर पर मिलने वाला लाभ उसकी क्षमता के हिसाब से कम होगा।

किसे मिलता है सब्सिडी का लाभ?

यह सुविधा सभी LPG उपभोक्ताओं के लिए सामान्य सब्सिडी के तौर पर नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के पात्र लाभार्थियों के लिए लक्षित है। सरकार ने उज्ज्वला लाभार्थियों को LPG को अधिक किफायती बनाने के लिए सब्सिडी व्यवस्था लागू की है। जून 2026 की सरकारी जानकारी के मुताबिक, PMUY उपभोक्ताओं को ₹300 प्रति 14.2 किलो सिलेंडर की प्रत्यक्ष सब्सिडी पहले चार रिफिल पर मिलती है। 5 किलो कनेक्शन के मामले में यही सहायता आनुपातिक रूप से तय होती है।

5 किलो सिलेंडर वालों को कितना फायदा?

5 किलो सिलेंडर पर सब्सिडी 14.2 किलो सिलेंडर की तुलना में उसके वजन के अनुपात में होती है। उदाहरण के तौर पर यदि 14.2 किलो सिलेंडर पर ₹300 की सब्सिडी लागू है, तो 5 किलो सिलेंडर के लिए राशि उसी अनुपात में कम होगी। इसलिए इसे सीधे ₹300 की सब्सिडी समझना सही नहीं है।

छोटे सिलेंडर से किन लोगों को सुविधा?

5 किलो का सिलेंडर उन परिवारों और लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है, जिनकी LPG खपत कम है या जिन्हें एक बार में बड़ा सिलेंडर लेने की जरूरत नहीं पड़ती। खासकर छात्र, किराए के मकान में रहने वाले लोग, अकेले रहने वाले उपभोक्ता और कम खपत वाले परिवार छोटे सिलेंडर का विकल्प चुन सकते हैं।

उज्ज्वला कनेक्शन के लिए जरूरी बातें

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत LPG कनेक्शन पात्र गरीब परिवारों की वयस्क महिलाओं को दिया जाता है। आवेदन में आधार, परिवार/राशन से संबंधित दस्तावेज, बैंक खाते की जानकारी और पात्रता से जुड़ी घोषणा जैसे दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। PMUY की आधिकारिक जानकारी के अनुसार 5 किलो कनेक्शन के लिए भी सरकार की ओर से कनेक्शन संबंधी सहायता का प्रावधान है।

सब्सिडी के लिए एक और जरूरी अपडेट

1 अक्टूबर 2026 से सब्सिडी वाले घरेलू LPG रिफिल की बुकिंग के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण (BAA) जरूरी किया गया है। जिन उपभोक्ताओं का प्रमाणीकरण पूरा नहीं हुआ है, वे डिलीवरी के समय, गैस वितरक के शोरूम या संबंधित तेल कंपनी के मोबाइल ऐप के जरिए इसे पूरा कर सकते हैं। सरकार के मुताबिक, प्रमाणीकरण पूरा होने के बाद पात्र उपभोक्ताओं को लागू सब्सिडी के साथ रिफिल की सुविधा जारी रहेगी।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, फास्टैग नियमों में बड़ा बदलाव, 2 अक्टूबर से लागू

नई दिल्ली। टोल प्लाजा पर सफर करने वाले दिव्यांग वाहन मालिकों के लिए केंद्र सरकार ने FASTag से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की नई व्यवस्था 2 अक्टूबर 2026 से लागू होगी। इसका मकसद दिव्यांगजनों को टोल छूट का लाभ लेने के लिए बार-बार होने वाली कागजी प्रक्रिया और नवीनीकरण से राहत देना है।

अब हर साल नहीं कराना होगा नवीनीकरण

नई व्यवस्था के तहत दिव्यांगजनों को जारी किए जाने वाले छूट वाले FASTag की वैधता अब उनकी दिव्यांगता के प्रतिशत के आधार पर तय होगी। इसके लिए दिव्यांगता प्रमाणपत्र, यूडीआईडी कार्ड या अन्य मान्य दस्तावेज में दर्ज दिव्यांगता प्रतिशत को आधार माना जाएगा। पहले पात्र लाभार्थियों को FASTag का नवीनीकरण हर साल कराना पड़ता था। नए नियम लागू होने के बाद यह अवधि बढ़ जाएगी।

70 से 100% दिव्यांगता पर 5 साल की वैधता

जिन लाभार्थियों की दिव्यांगता 70 प्रतिशत से 100 प्रतिशत के बीच है, उनके छूट वाले FASTag की वैधता 5 वर्ष तक होगी। वहीं, 40 प्रतिशत या उससे अधिक लेकिन 70 प्रतिशत से कम दिव्यांगता वाले लोगों के FASTag को 3 वर्ष तक मान्यता मिलेगी। वैधता अवधि समाप्त होने के बाद पात्रता की जांच और निर्धारित नियमों के तहत FASTag का नवीनीकरण कराया जा सकेगा।

किन वाहनों को मिलेगा लाभ?

यह सुविधा ऐसे वाहनों के लिए है जो शारीरिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों के उपयोग के लिए विशेष रूप से बनाए या डिजाइन किए गए हैं। इसके अलावा दिव्यांगजन स्वामित्व श्रेणी में पंजीकृत पात्र वाहनों को भी छूट वाला FASTag जारी किया जाएगा।

FASTag Annual Pass भी चर्चा में

FASTag से जुड़ी एक अन्य सुविधा Annual Pass भी वाहन चालकों के बीच उपयोग में है। यह गैर-व्यावसायिक निजी वाहनों के लिए उपलब्ध है। निर्धारित एकमुश्त शुल्क देकर इसे सक्रिय किया जा सकता है, जिसके बाद पात्र उपयोगकर्ता तय अवधि या निर्धारित टोल प्लाजा क्रॉसिंग तक इसका लाभ ले सकते हैं।

दिवाली से पहले किसानों को बड़ा तोहफा! गेहूं समेत 6 रबी फसलों का MSP बढ़ा, जानें नई कीमतें

नई दिल्ली। देश के करोड़ों किसानों के लिए दिवाली से पहले बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने रबी मार्केटिंग सीजन 2027-28 के लिए गेहूं समेत छह प्रमुख रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। सरकार के इस फैसले के बाद किसानों को अपनी उपज का पहले से अधिक निर्धारित समर्थन मूल्य मिलेगा।

सबसे ज्यादा चर्चा गेहूं के MSP को लेकर है। सरकार ने गेहूं के समर्थन मूल्य में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है। इसके बाद गेहूं का नया MSP बढ़कर 2,610 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। गेहूं के अलावा जौ, चना, मसूर, रेपसीड-सरसों और कुसुम के समर्थन मूल्य में भी बदलाव किया गया है।

छह फसलों की नई MSP दरें

रबी सीजन की प्रमुख फसलों में जौ का MSP अब 2,286 रुपये प्रति क्विंटल होगा। चने के लिए किसानों को 5,958 रुपये प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य मिलेगा। इसी तरह मसूर का MSP 7,390 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। वहीं, रेपसीड और सरसों का नया समर्थन मूल्य 6,613 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है, जबकि कुसुम का MSP बढ़कर 7,215 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। सरकार के मुताबिक, इन दरों को तय करते समय कृषि लागत और बाजार की परिस्थितियों को ध्यान में रखा गया है।

करीब 91 हजार करोड़ का भुगतान

सरकार की रबी मूल्य नीति के तहत इन फसलों की खरीद के लिए किसानों को अनुमानित तौर पर 90,962 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा। MSP निर्धारित करने में कृषि लागत एवं मूल्य आयोग यानी CACP की सिफारिशों को आधार बनाया गया है। फसल उत्पादन में आने वाली लागत के साथ-साथ घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों के रुझान को भी फैसले में शामिल किया गया है।

लागत से ऊपर MSP रखने पर जोर

सरकार की ओर से तय की गई नई दरों में उत्पादन लागत के मुकाबले अलग-अलग फसलों पर अलग मार्जिन रखा गया है। गेहूं का MSP अनुमानित उत्पादन लागत से करीब 106 प्रतिशत अधिक है। वहीं रेपसीड-सरसों पर यह मार्जिन 96 प्रतिशत और मसूर पर 92 प्रतिशत बताया गया है। चना, जौ और कुसुम के मामले में लागत के ऊपर क्रमशः करीब 59 प्रतिशत, 58 प्रतिशत और 50 प्रतिशत का मार्जिन रखा गया है।

कल से शनि का शुभ प्रभाव! 5 राशियों के दूर होंगे दुख-दर्द, कष्टों से मिलेगी मुक्ति

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को कर्म और न्याय का कारक माना जाता है। शनि की चाल में होने वाला बदलाव सभी राशियों पर अलग-अलग प्रभाव डाल सकता है। मान्यता है कि जब शनि की स्थिति अनुकूल होती है, तो व्यक्ति को लंबे समय से चली आ रही परेशानियों से राहत मिलने के साथ कामकाज में भी बेहतर अवसर मिल सकते हैं।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए शनि का अनुकूल प्रभाव मेहनत का बेहतर परिणाम दिला सकता है। लंबे समय से अटके काम आगे बढ़ सकते हैं। नौकरी करने वालों को जिम्मेदारी बढ़ने के साथ नए अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार आने की संभावना है। परिवार से जुड़ी किसी चिंता का समाधान भी मिल सकता है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह समय राहत देने वाला रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत पर ध्यान दिया जा सकता है और किसी महत्वपूर्ण काम में सफलता मिलने के योग बन सकते हैं। पैसों से जुड़े मामलों में स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है। पुरानी परेशानियों से बाहर निकलने का रास्ता मिलेगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को शनि के शुभ प्रभाव से करियर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। कारोबार में नई योजनाओं पर काम शुरू करने का मौका मिलेगा। आर्थिक मामलों में भी स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं। हालांकि जल्दबाजी के बजाय सोच-समझकर फैसले लेना लाभदायक रहेगा।

तुला राशि

तुला राशि के लिए शनि का प्रभाव कई मामलों में राहत देने वाला हो सकता है। कामकाज में आ रही रुकावटें कम हो सकती हैं और पुराने प्रयासों का परिणाम मिलने लगेगा। धन से जुड़े मामलों में लाभ के अवसर बन सकते हैं। परिवार में चल रहा तनाव कम होने और रिश्तों में मधुरता आने की संभावना है।

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए आने वाला समय नई उम्मीद लेकर आ सकता है। नौकरी और कारोबार में प्रगति के रास्ते खुल सकते हैं। किसी पुराने निवेश या अटके हुए धन से लाभ मिलने की संभावना बन सकती है। मेहनत से किए गए कार्यों में सफलता मिलने से मानसिक तनाव भी कम हो सकता है।

खुशखबरी का बड़ा धमाका! यूपी में एकसाथ 7 बड़ी भर्ती, युवाओं के लिए जॉब ही जॉब

UP Recruitment 2026: उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अक्टूबर महीना कई मौके लेकर आया है। अलग-अलग विभागों में आंगनबाड़ी कार्यकत्री, शिक्षक, प्रवक्ता, असिस्टेंट प्रोफेसर, वेटरिनरी फार्मासिस्ट समेत सात भर्तियां सामने आई हैं। इन भर्तियों में हजारों पद शामिल हैं और अलग-अलग योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों के लिए आवेदन के मौके हैं।

सबसे बड़ी भर्तियों में 12,405 प्राथमिक सहायक शिक्षक पद शामिल हैं। इसके अलावा 2,607 प्रवक्ता (PGT) और 1,936 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों पर भी भर्ती प्रक्रिया चल रही है। UPESSC की प्रवक्ता भर्ती में आवेदन की अंतिम तारीख 17 अक्टूबर 2026 है, जबकि असिस्टेंट प्रोफेसर के 1,936 पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया 8 सितंबर से 7 अक्टूबर तक है।

आंगनबाड़ी में 143 पदों का मौका

कौशांबी जिले में आंगनबाड़ी कार्यकत्री के 143 पदों पर भर्ती का मौका बताया गया है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तारीख 21 अक्टूबर 2026 निर्धारित है। इच्छुक अभ्यर्थियों को आवेदन से पहले जिले और संबंधित भर्ती की पात्रता शर्तों को ध्यान से देखना चाहिए। आंगनबाड़ी भर्ती की प्रक्रिया विभागीय पोर्टल के माध्यम से संचालित होती है।

युवा कल्याण विभाग में 412 पद

UPSSSC ने युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल से जुड़े पदों के लिए 412 रिक्तियों वाली मुख्य परीक्षा का विज्ञापन जारी किया है। इनमें क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी और व्यायाम प्रशिक्षक के पद शामिल हैं। आवेदन प्रक्रिया 16 अक्टूबर से शुरू होकर 6 नवंबर 2026 तक चलने की जानकारी दी गई है।

खेल विभाग में भी भर्ती

खेल क्षेत्र से जुड़े युवाओं के लिए भी अवसर है। UPSSSC की एक अन्य भर्ती में 108 पद शामिल हैं। इनमें ग्राउंड्समैन, डिप्टी स्पोर्ट्स ऑफिसर, असिस्टेंट कोच और अन्य पद बताए गए हैं। ऑनलाइन आवेदन 14 अक्टूबर से 4 नवंबर 2026 तक किए जाने हैं।

12 हजार से ज्यादा शिक्षक पद

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से 12,405 प्राथमिक सहायक शिक्षक पदों पर भर्ती युवाओं के लिए बड़ा अवसर है। आवेदन प्रक्रिया 16 सितंबर से शुरू हुई है और 15 अक्टूबर 2026 तक आवेदन किए जा सकते हैं। उम्मीदवारों को आवेदन से पहले शैक्षिक योग्यता और अन्य निर्धारित शर्तों की जांच करनी होगी।

2,607 PGT पदों पर भर्ती

सरकारी सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में 2,607 प्रवक्ता यानी PGT पदों के लिए भर्ती निकाली गई है। आवेदन 18 सितंबर से शुरू हुए हैं और 17 अक्टूबर 2026 तक आवेदन का मौका है। भर्ती 26 विषयों में बताई गई है और उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा 21 से 62 वर्ष रखी गई है।

असिस्टेंट प्रोफेसर के 1,936 पद

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ी भर्ती चल रही है। UPESSC ने सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में 1,936 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों के लिए आवेदन मांगे हैं। आवेदन की प्रक्रिया 8 सितंबर से शुरू हुई थी और 7 अक्टूबर 2026 तक आवेदन किया जा सकता है।

वेटरिनरी फार्मासिस्ट के 1,308 पद

पशुपालन विभाग में 1,308 वेटरिनरी फार्मासिस्ट पदों पर भर्ती के लिए भी आवेदन का मौका है। इस भर्ती में वही उम्मीदवार मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने UPSSSC PET-2025 में हिस्सा लिया है और वैध स्कोरकार्ड रखते हैं। आवेदन की अंतिम तारीख 5 अक्टूबर 2026 है।

आवेदन से पहले नोटिफिकेशन जरूर पढ़ें

इन भर्तियों में पद, योग्यता, आयु सीमा, चयन प्रक्रिया और आवेदन की अंतिम तारीख अलग-अलग हैं। इसलिए अभ्यर्थियों को किसी भी भर्ती के लिए आवेदन करने से पहले संबंधित विभाग या आयोग की आधिकारिक अधिसूचना ध्यान से पढ़नी चाहिए। अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय पात्र उम्मीदवार समय रहते आवेदन पूरा करें, ताकि तकनीकी समस्या या दस्तावेज संबंधी गलती के कारण मौका न छूटे।

रेलवे ALP भर्ती में बड़ा बदलाव! 3500 पद बढ़े, अब 14,627 वैकेंसी पर होगी भर्ती

Railway ALP Recruitment: रेलवे में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) भर्ती में 3,500 अतिरिक्त पद जोड़ने का फैसला किया है। पहले इस भर्ती के तहत 11,127 पद निर्धारित किए गए थे, लेकिन अब रिक्तियों की संख्या बढ़कर 14,627 हो गई है।

रेलवे की ओर से पदों की जरूरत और उपलब्ध रिक्तियों की समीक्षा के बाद यह बढ़ोतरी की गई है। नए पद अलग-अलग जोन में बांटे गए हैं। इसका फायदा उन अभ्यर्थियों को मिल सकता है जो ALP भर्ती के जरिए रेलवे में करियर बनाने की तैयारी कर रहे हैं।

सात जोन में बढ़ीं सीटें

अतिरिक्त 3,500 पदों का आवंटन सात रेलवे जोन में किया गया है। इनमें पूर्व तट रेलवे को 450, पूर्व मध्य रेलवे यानी ECR को 500, दक्षिण मध्य रेलवे को 700, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे को 200, दक्षिण पूर्व रेलवे को 790, मेट्रो रेलवे को 360 और पश्चिम रेलवे को 500 पद मिले हैं। मेट्रो रेलवे से संबंधित इंडेंट दक्षिण पूर्व रेलवे (SER) की ओर से रखा जाएगा। इस तरह अलग-अलग जोन में जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त पद शामिल किए गए हैं।

कब जारी होगा अंतिम पदों का विवरण?

रेलवे बोर्ड ने जोनल रेलवे को अतिरिक्त रिक्तियों का इंडेंट निर्धारित समय के भीतर पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया है। उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार इंडेंटिंग यूनिट की प्रक्रिया 30 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच, PCPO स्तर की प्रक्रिया 5 अक्टूबर, RRB स्तर पर 6 अक्टूबर और नोडल RRB की प्रक्रिया 7 अक्टूबर तक पूरी की जानी है। इसके बाद सभी प्रक्रियाएं पूरी होने पर भर्ती की अंतिम रिक्तियों का विस्तृत विवरण RRB की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया जाएगा।

11,127 से बढ़कर 14,627 हुई कुल वैकेंसी

रेलवे ALP भर्ती में पहले 11,127 पद थे। अब इसमें 3,500 पद जोड़ दिए गए हैं। इस तरह कुल रिक्तियां 14,627 हो गई हैं। अभ्यर्थियों को सलाह है कि वे आगे की जानकारी के लिए अपने संबंधित RRB की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी नोटिस देखते रहें और भर्ती से जुड़ी किसी भी अपडेट को केवल आधिकारिक सूचना के आधार पर ही मानें।

बिहार के लोगों के लिए खुशखबरी! राज्य में बनेंगे 2 नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, बढ़ेगी कनेक्टिविटी

पटना: बिहार में हवाई सेवाओं के विस्तार को लेकर राज्य सरकार नई नीति तैयार करने जा रही है। इस नीति में यात्रियों के लिए हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने के साथ विमानन क्षेत्र से जुड़ी दूसरी सुविधाओं को विकसित करने की संभावनाओं पर भी काम किया जाएगा। इनमें विमानों की मरम्मत और रखरखाव के साथ पायलट ट्रेनिंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

सरकार ने नीति तैयार करने में सलाह देने के लिए KPMG India Services LLP को जिम्मेदारी दी है। इसके लिए कंपनी को 86.17 लाख रुपये का भुगतान किया जाएगा।

सोनपुर और अजगैबीनाथ में एयरपोर्ट की योजना

प्रस्तावित नीति में सोनपुर और अजगैबीनाथ धाम में नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट विकसित करने की संभावनाओं का भी अध्ययन किया जाएगा। साथ ही यह आकलन होगा कि इन परियोजनाओं से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और विमानन गतिविधियों को कितना विस्तार मिल सकता है।

सरकार राज्य में पहले से मौजूद एयरपोर्ट की क्षमता का अधिक प्रभावी इस्तेमाल करने और निजी निवेश को बढ़ावा देने के विकल्प भी तलाशेगी।

बिहार में ही विकसित हो सकती हैं विमानन सुविधाएं

वर्तमान में विमानों की बड़ी मरम्मत और रखरखाव के लिए बिहार को दूसरे राज्यों की सुविधाओं पर निर्भर रहना पड़ता है। नई नीति के जरिए राज्य में ऐसी सेवाओं को विकसित करने की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा। इससे विमानन क्षेत्र में कारोबार के साथ रोजगार के नए अवसर भी बन सकते हैं।

इसके अलावा उड़ान योजना के तहत मुजफ्फरपुर, बीरपुर, वाल्मीकिनगर और सहरसा जैसे शहरों में एयरपोर्ट सुविधाओं के विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। नई नीति में इन हवाई अड्डों के बेहतर उपयोग और सेवाओं के विस्तार के विकल्पों को शामिल किया जाएगा।

बड़ी खुशखबरी! केंद्र सरकार देगी 50 लाख नए PNG कनेक्शन, घरों तक पहुंचेगी पाइप वाली गैस

नई दिल्ली: देश में पाइप के जरिए प्राकृतिक गैस यानी PNG की पहुंच बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने नेशनल PNG ड्राइव 3.0 शुरू की है। यह अभियान 1 अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक चलेगा। इसके तहत 50 लाख नए घरेलू PNG कनेक्शन देने के साथ 40 लाख बंद पड़े कनेक्शनों को दोबारा सक्रिय करने और 50 लाख नए पंजीकरण कराने का लक्ष्य रखा गया है।

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस अभियान की शुरुआत की। सरकार का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा परिवारों को पाइप्ड गैस से जोड़ना और देश के ऊर्जा मिश्रण में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी बढ़ाना है।

मौजूदा नेटवर्क का होगा बेहतर इस्तेमाल

अभियान के दौरान नए कनेक्शन देने के साथ पहले से मौजूद गैस नेटवर्क की क्षमता का पूरा उपयोग करने पर भी जोर रहेगा। खासकर अर्ध-शहरी और ग्रामीण इलाकों में PNG की पहुंच बढ़ाने तथा निष्क्रिय कनेक्शनों को फिर से चालू करने की योजना है।

सरकार के अनुसार देश में अब तक करीब 6.87 लाख इंच-किलोमीटर गैस पाइपलाइन नेटवर्क तैयार हो चुका है। इसी बुनियादी ढांचे के आधार पर लगभग 1.30 करोड़ अतिरिक्त घरेलू PNG कनेक्शन देने की क्षमता मौजूद है।

पिछले अभियान में भी बढ़े थे कनेक्शन

इससे पहले PNG ड्राइव 2.0 के दौरान लाखों नए कनेक्शन और पंजीकरण किए गए थे। सरकार अब तीसरे चरण में इस अभियान का दायरा और बढ़ाना चाहती है। इसके लिए पेट्रोलियम मंत्रालय, PNGRB, सिटी गैस वितरण कंपनियां और अन्य संबंधित संस्थाएं मिलकर काम करेंगी।

गैस नेटवर्क के विस्तार पर जोर

प्राकृतिक गैस की उपलब्धता बढ़ाने के लिए देशभर में पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। सरकार ‘वन नेशन, वन गैस ग्रिड’ की दिशा में भी काम कर रही है। गैस नेटवर्क बढ़ने से घरों के साथ उद्योगों और परिवहन क्षेत्र में भी प्राकृतिक गैस के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

नई पहल से अधिक परिवारों को PNG की सुविधा मिलने के साथ गैस वितरण क्षेत्र में नए निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है। सरकार का लक्ष्य प्राकृतिक गैस को देश के ऊर्जा तंत्र में ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका देना है।

3 से 9 अक्टूबर तक बन रहे शुभ योग, 5 राशियों के लिए रहेगा खास समय, मिल सकती है बड़ी खुशखबरी

राशिफल। अक्टूबर का पहला सप्ताह कुछ राशियों के लिए खास माना जा रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 3 से 9 अक्टूबर के बीच बनने वाले शुभ योगों का सकारात्मक प्रभाव कुछ राशि वालों पर पड़ सकता है। इस दौरान नौकरी, कारोबार, आर्थिक स्थिति और निजी जीवन से जुड़े मामलों में अनुकूल बदलाव के योग बताए जा रहे हैं। आइए जानते हैं वे 5 राशियां कौन-सी हैं।

मेष राशि

इस अवधि में मेष राशि वालों को कामकाज में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। नौकरी करने वालों को नई जिम्मेदारी या कोई अच्छी खबर मिलने की संभावना है। कारोबार में भी लाभ के मौके बन सकते हैं।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक मामलों में राहत देने वाला हो सकता है। रुका हुआ पैसा वापस मिलने या आय के नए स्रोत बनने के योग हैं। परिवार में भी माहौल अच्छा रहने की उम्मीद है।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों को करियर के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। लंबे समय से अटका कोई काम पूरा हो सकता है। व्यापार से जुड़े लोगों को नए संपर्कों से फायदा मिलने की संभावना है।

तुला राशि

तुला राशि के लिए यह सप्ताह आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रह सकता है। नौकरी और व्यवसाय में प्रगति के अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में भी अच्छे मौके सामने आ सकते हैं।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए 3 से 9 अक्टूबर के बीच लाभ के अवसर बन सकते हैं। काम के सिलसिले में यात्रा या नए लोगों से संपर्क भविष्य में फायदेमंद हो सकता है। परिवार से जुड़ी कोई अच्छी खबर भी मिल सकती है।

स्तन कैंसर के 5 बड़े संकेत, शरीर में दिखे ये बदलाव तो रहें सावधान

हेल्थ डेस्क। स्तन कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसर में शामिल है। इसकी शुरुआती पहचान होने पर इलाज के विकल्प बेहतर हो सकते हैं। इसलिए स्तनों में होने वाले असामान्य बदलावों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हालांकि, हर गांठ या बदलाव कैंसर का संकेत नहीं होता, लेकिन लगातार बने रहने वाले लक्षणों की चिकित्सकीय जांच जरूरी है।

1.बगल में गांठ

स्तन या बगल में नई गांठ महसूस होना एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। अगर गांठ लंबे समय तक बनी रहे, उसका आकार बढ़े या वह असामान्य महसूस हो, तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

2.आकार या बनावट में बदलाव

एक स्तन के आकार या आकृति में अचानक बदलाव, सूजन या किसी हिस्से का अलग दिखाई देना भी ध्यान देने योग्य है। ऐसा बदलाव लगातार बना रहे तो इसे नजरअंदाज न करें।

3. त्वचा में असामान्य बदलाव

स्तन की त्वचा पर लालिमा, मोटापन, सिकुड़न या गड्ढे जैसा दिखाई देना चेतावनी का संकेत हो सकता है। त्वचा की बनावट में अचानक आया बदलाव भी जांच की वजह बन सकता है।

4. निप्पल में बदलाव या असामान्य स्राव

निप्पल का अंदर की ओर मुड़ना, उसके आसपास असामान्य बदलाव या बिना स्तनपान के निप्पल से रक्त जैसा अथवा अन्य असामान्य स्राव होना चिकित्सकीय सलाह लेने का कारण है।

5. लगातार दर्द या असहजता

स्तन में लगातार दर्द, भारीपन या किसी खास हिस्से में असामान्य असहजता महसूस होने पर भी सावधानी जरूरी है। खासकर जब इसके साथ कोई अन्य बदलाव भी दिखाई दे।

समय पर जांच है जरूरी

स्तन में गांठ या अन्य बदलाव दिखाई देने का मतलब यह जरूरी नहीं कि कैंसर ही हो। कई बार ऐसे लक्षण सामान्य या गैर-कैंसरकारी कारणों से भी हो सकते हैं। फिर भी किसी नए या लगातार बने रहने वाले बदलाव की जांच डॉक्टर से कराना बेहतर है। उम्र और व्यक्तिगत जोखिम के अनुसार डॉक्टर उचित स्क्रीनिंग या जांच की सलाह दे सकते हैं।

केंद्र सरकार की बड़ी तैयारी, चीनी मोबाइल कवर पर कसेगा शिकंजा

नई दिल्ली: भारत में सस्ते चीनी मोबाइल कवर के बढ़ते आयात के बीच सरकार ने घरेलू निर्माताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया है। वाणिज्य मंत्रालय के तहत DGTR ने चीन से आने वाले मोबाइल कवर पर अगले पांच साल के लिए 72 डॉलर प्रति 1,000 पीस एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाने की सिफारिश की है। DGTR की फाइनल फाइंडिंग 24 सितंबर 2026 को जारी हुई थी।

भारतीय मुद्रा में जांच के दौरान इस्तेमाल की गई विनिमय दर के आधार पर यह शुल्क करीब 6.15 रुपये प्रति कवर बैठता है। हालांकि, इसे लागू करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से अंतिम अधिसूचना जरूरी होगी।

चीन से बढ़े आयात ने बढ़ाई चिंता

DGTR की जांच में चीन से मोबाइल कवर के आयात में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। जांच अवधि में चीनी उत्पादों की बाजार हिस्सेदारी बढ़ने और घरेलू निर्माताओं की हिस्सेदारी घटने की बात सामने आई। प्राधिकरण ने सस्ते आयात से भारतीय उद्योग पर पड़े असर को देखते हुए ड्यूटी की सिफारिश की है।

कुछ कवर रहेंगे दायरे से बाहर

Askin Aramid Fibre से बने मोबाइल कवर को प्रस्तावित ड्यूटी के दायरे से बाहर रखा गया है। वहीं अन्य संबंधित मोबाइल कवर इस सिफारिश के दायरे में आ सकते हैं।

घरेलू MSME कंपनियों को राहत की उम्मीद

भारत में मोबाइल कवर बनाने वाली कई इकाइयां MSME क्षेत्र से जुड़ी हैं। DGTR की कार्रवाई का उद्देश्य सस्ते आयात से घरेलू उद्योग को होने वाले नुकसान को कम करना और भारतीय निर्माताओं के लिए प्रतिस्पर्धा का माहौल बेहतर करना है।

कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी: मिलेगा ₹32 हजार बोनस, ट्रेनीज को ₹25600

नई दिल्ली। भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड (SAIL) के गैर-कार्यकारी कर्मचारियों के लिए त्योहारी सीजन में राहत भरी खबर आई है। 1 अक्टूबर को नई दिल्ली में SAIL प्रबंधन और NJCS कोर ग्रुप के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक में वार्षिक बोनस को लेकर सहमति बन गई। 

समझौते के अनुसार देशभर में SAIL की विभिन्न इकाइयों में काम कर रहे नियमित गैर-कार्यकारी कर्मचारियों को ₹32,000 का वार्षिक बोनस मिलेगा। वहीं, गैर-कार्यकारी प्रशिक्षुओं को ₹25,600 का भुगतान किया जाएगा। जिससे इन्हे राहत मिलेगी।

कंपनी के मुनाफे में हुआ इजाफा

बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रदर्शन की भी समीक्षा की गई। प्रबंधन के मुताबिक, कंपनी का कर-पूर्व लाभ (PBT) 2024-25 के ₹3,009 करोड़ से बढ़कर 2025-26 में ₹4,334 करोड़ हो गया। यानी कंपनी के मुनाफे में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

हालांकि, उत्पादन के मोर्चे पर कुछ लक्ष्य पूरे नहीं हो सके। सेल योग्य इस्पात का उत्पादन निर्धारित लक्ष्य का करीब 94 प्रतिशत, जबकि कच्चे इस्पात का उत्पादन 92 प्रतिशत रहा।

कर्मचारियों ने लक्ष्य पूरा करने का दिया भरोसा

बैठक में कोयले की कीमतों में उतार-चढ़ाव, विदेशों से इस्पात आयात और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी भू-राजनीतिक परिस्थितियों जैसी चुनौतियों पर भी चर्चा हुई। बोनस समझौते पर प्रबंधन और यूनियन प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए।

कर्मचारी प्रतिनिधियों ने भरोसा दिलाया कि गैर-कार्यकारी कर्मचारी आने वाले वित्तीय वर्ष में उत्पादन बढ़ाने के साथ तकनीकी और आर्थिक प्रदर्शन से जुड़े लक्ष्यों को हासिल करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम करेंगे। बोनस का फैसला त्योहारी मौसम में कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त आर्थिक राहत के तौर पर देखा जा रहा है।

बिहार में स्कूल बंद: अगले 3 दिन नहीं लगेंगी कक्षाएं, जारी हुआ नया आदेश

पटना। बिहार के स्कूली बच्चों के लिए अक्टूबर की शुरुआत में लगातार तीन दिनों की छुट्टी रहने वाली है। 2 अक्टूबर से 4 अक्टूबर 2026 तक स्कूलों में कक्षाएं नहीं होंगी। इस दौरान गांधी जयंती, जिउतिया पर्व और रविवार का अवकाश रहेगा। लंबे वीकेंड से विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों और अभिभावकों को भी राहत मिलेगी।

2 अक्टूबर को गांधी जयंती की छुट्टी

2 अक्टूबर, शुक्रवार को महात्मा गांधी की जयंती है। देशभर में इस दिन राष्ट्रीय अवकाश रहता है। बिहार के स्कूलों में भी गांधी जयंती के अवसर पर शैक्षणिक कार्य बंद रहेंगे। इस दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के योगदान को याद किया जाता है और विभिन्न जगहों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

3 अक्टूबर को जिउतिया की छुट्टी

3 अक्टूबर, शनिवार को जीवित्पुत्रिका व्रत यानी जिउतिया पर्व मनाया जाएगा। बिहार में इस त्योहार का खास महत्व है। इस अवसर पर महिलाओं द्वारा संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखा जाता है।

4 अक्टूबर को रविवार की रहेगी छुट्टी

तीसरे दिन यानी 4 अक्टूबर को रविवार होने के कारण स्कूलों में साप्ताहिक अवकाश रहेगा। इस तरह 2, 3 और 4 अक्टूबर को लगातार तीन दिन स्कूल बंद रहेंगे।

5 अक्टूबर से फिर शुरू होंगी कक्षाएं

तीन दिन की छुट्टी खत्म होने के बाद 5 अक्टूबर, सोमवार से सरकारी स्कूल अपने निर्धारित समय के अनुसार दोबारा खुलेंगे। विद्यार्थियों को छुट्टी के बाद नियमित रूप से स्कूल जाना होगा।

केंद्रीय कर्मचारियों-पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर, 8वें वेतन आयोग के 5 ताजा अपडेट

नई दिल्ली। 8वें केंद्रीय वेतन आयोग को लेकर अक्टूबर की शुरुआत में गतिविधियां तेज हैं। आयोग की ओर से देश के अलग-अलग हिस्सों में कर्मचारी और पेंशनर्स संगठनों के साथ बातचीत की जा रही है। ऐसे में कर्मचारियों की नजर अब बैठकों, सुझावों और आने वाली सिफारिशों पर है।

1. अक्टूबर में बेंगलुरु और मुंबई का दौरा

आयोग का अगला अहम कार्यक्रम 7-8 अक्टूबर को बेंगलुरु में है। इसके बाद 22-23 अक्टूबर को मुंबई में बैठकें होंगी। आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर दोनों दौरों से संबंधित नोटिस जारी किए गए हैं।

2. मुंबई बैठक के लिए 10 तक मौका

मुंबई में 22 और 23 अक्टूबर को होने वाली बैठक के लिए संबंधित संगठनों से मिलने के आवेदन की अंतिम तारीख 10 अक्टूबर 2026 रखी गई है। आयोग ने इसके लिए आधिकारिक अपॉइंटमेंट लिंक भी उपलब्ध कराया है।

3. आयोग को 18 महीने में देनी है रिपोर्ट

8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था। केंद्र सरकार के मुताबिक आयोग को अपनी सिफारिशें गठन की तारीख से 18 महीने के भीतर देनी हैं। यानी आयोग के पास रिपोर्ट तैयार करने के लिए तय समयसीमा है।

4. फिटमेंट फैक्टर पर अभी कोई अंतिम आंकड़ा नहीं

फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम बेसिक पे को लेकर कर्मचारी संगठनों की ओर से अलग-अलग मांगें सामने आती रही हैं। लेकिन अभी तक सरकार या 8वें वेतन आयोग ने 3.833 फिटमेंट फैक्टर या ₹69,000 न्यूनतम बेसिक पे को अंतिम रूप से मंजूर नहीं किया है। इसलिए इन आंकड़ों को फिलहाल मांग/प्रस्ताव के रूप में ही देखना चाहिए।

5. 1 जनवरी 2026 से प्रभाव को लेकर क्या है स्थिति?

केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग के संदर्भ में कहा है कि पिछले वेतन आयोगों की तरह इसकी सिफारिशों का प्रभाव 1 जनवरी 2026 से अपेक्षित माना जा रहा है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि नई सैलरी या पेंशन की राशि अभी तय हो चुकी है। वास्तविक वेतन संशोधन आयोग की सिफारिश और उसके बाद सरकार के फैसले पर निर्भर करेगा।

सैलरी और पेंशन को लेकर अभी क्या तय नहीं हुआ?

फिलहाल फिटमेंट फैक्टर, नई न्यूनतम बेसिक सैलरी और अंतिम पेंशन वृद्धि का आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रहे ₹69,000 बेसिक पे, 3.833 फिटमेंट फैक्टर या किसी निश्चित वेतन बढ़ोतरी के दावों को सरकारी फैसला मानना सही नहीं होगा।

अभी आयोग की प्रक्रिया में बैठकें, सुझाव और आंकड़ों का संकलन महत्वपूर्ण चरण हैं। आने वाले महीनों में आयोग की सिफारिशों के बाद ही कर्मचारियों और पेंशनर्स की वास्तविक वेतन-पेंशन तस्वीर स्पष्ट होगी।

डायबिटीज होने के 5 बड़े संकेत! शरीर में दिखें ये लक्षण तो तुरंत हो जाएं सावधान

हेल्थ डेस्क। डायबिटीज यानी मधुमेह आज के समय में एक आम स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। यह ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में ब्लड शुगर का स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है। कई बार शुरुआत में इसके लक्षण इतने सामान्य होते हैं कि लोग उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। यही वजह है कि कुछ लोगों को लंबे समय तक डायबिटीज होने की जानकारी नहीं मिल पाती।

हालांकि, शरीर में होने वाले कुछ बदलाव हाई ब्लड शुगर की ओर इशारा कर सकते हैं। अगर ये लक्षण लगातार बने रहें, तो केवल अनुमान लगाने के बजाय ब्लड शुगर की जांच और डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

1. बार-बार पेशाब आना

डायबिटीज में ब्लड शुगर बढ़ने पर शरीर अतिरिक्त ग्लूकोज को पेशाब के जरिए बाहर निकालने की कोशिश करता है। इसकी वजह से व्यक्ति को सामान्य से अधिक बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है। रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना भी एक संकेत हो सकता है।

2. बहुत ज्यादा प्यास लगना

बार-बार पेशाब जाने के कारण शरीर में पानी की कमी हो सकती है। ऐसे में व्यक्ति को बार-बार या सामान्य से ज्यादा प्यास महसूस हो सकती है। अगर पर्याप्त पानी पीने के बावजूद लगातार अत्यधिक प्यास लग रही है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

3. बिना वजह वजन कम होना

खाने-पीने में कोई खास बदलाव न होने के बावजूद अगर वजन लगातार कम हो रहा है, तो इसके कई कारण हो सकते हैं। अनियंत्रित डायबिटीज भी उनमें से एक है। जब शरीर ग्लूकोज का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता, तो वह ऊर्जा के लिए दूसरे स्रोतों का इस्तेमाल करने लगता है, जिससे वजन घट सकता है।

4. हर समय थकान महसूस होना

लगातार थकान या कमजोरी महसूस होना भी हाई ब्लड शुगर से जुड़ा हो सकता है। शरीर में मौजूद ग्लूकोज ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है, लेकिन इंसुलिन की समस्या होने पर ग्लूकोज का इस्तेमाल ठीक से नहीं हो पाता। इसके कारण व्यक्ति को पर्याप्त आराम के बाद भी सुस्ती या थकान महसूस हो सकती है।

5. धुंधला दिखाई देना

ब्लड शुगर का स्तर बढ़ने पर आंखों के लेंस में अस्थायी बदलाव हो सकते हैं, जिससे नजर धुंधली लग सकती है। कुछ लोगों में शुगर नियंत्रित होने पर यह समस्या बेहतर हो सकती है, लेकिन अचानक या लगातार नजर धुंधली होना कई अन्य कारणों से भी हो सकता है। इसलिए ऐसी स्थिति में आंखों की जांच कराना जरूरी है।

केंद्र सरकार का बड़ा आदेश! ब्याज दरों पर लिया अहम फैसला, करोड़ों लोगों पर होगा असर

नई दिल्ली। छोटी-छोटी बचत के जरिए भविष्य को सुरक्षित करने वाले करोड़ों लोगों के लिए अक्टूबर का महीना एक अहम खबर लेकर आया है। सरकार ने फिलहाल छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया है। यानी जिन लोगों का पैसा PPF, सुकन्या समृद्धि योजना, NSC या डाकघर की दूसरी बचत योजनाओं में लगा है, उन्हें फिलहाल पहले वाली दर के हिसाब से ही ब्याज मिलता रहेगा।

वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों से जुड़े विभाग ने अक्टूबर से दिसंबर 2026 की अवधि के लिए इन योजनाओं की नई ब्याज दरें जारी कर दी हैं। इस बार सरकार ने दरों को बढ़ाने या घटाने के बजाय उन्हें मौजूदा स्तर पर बनाए रखने का फैसला किया है।

तीन महीने तक नहीं बदलेगी ब्याज दर

सरकार का यह फैसला 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। इसका मतलब है कि इस दौरान छोटी बचत योजनाओं में मिलने वाला ब्याज पिछली तिमाही जैसा ही रहेगा। निवेशकों के लिए इसका सबसे बड़ा मतलब यह है कि उन्हें अचानक कम ब्याज मिलने जैसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा। वहीं, नई रकम निवेश करने वालों को भी इसी अवधि में लागू दरों के अनुसार रिटर्न मिलेगा।

कौन सी स्कीम पर कितना ब्याज?

सुकन्या समृद्धि योजना: 8.2 फीसदी

सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम: 8.2 फीसदी

नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC): 7.7 फीसदी

किसान विकास पत्र (KVP): 7.5 फीसदी

5 साल की पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट: 7.5 फीसदी

पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम: 7.4 फीसदी

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF): 7.1 फीसदी

5 साल की पोस्ट ऑफिस आरडी: 6.7 फीसदी

इन दरों के आधार पर निवेशकों को अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर की तिमाही में ब्याज मिलेगा।

अक्टूबर में बनेंगे 5 राजयोग! इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन-समृद्धि के खुलेंगे रास्ते

राशिफल। अक्टूबर का महीना ज्योतिष के लिहाज से बेहद खास माना जा रहा है। इस महीने ग्रहों की चाल में कई महत्वपूर्ण बदलाव होंगे, जिसके चलते त्रिग्रही योग, बुधादित्य योग, लक्ष्मी नारायण योग और मालव्य योग जैसे शुभ संयोग बनेंगे। इसके अलावा महीने के अंत में गुरु का सिंह राशि में प्रवेश भी कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण माना जाएगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इन योगों का प्रभाव कुछ राशियों पर विशेष रूप से पड़ सकता है और उन्हें धन लाभ, करियर में तरक्की तथा नए अवसर मिल सकते हैं।

इन 5 राशियों को मिल सकता है लाभ

1. मेष राशि

अक्टूबर में बनने वाले इन शुभ योगों का मेष राशि के जातकों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। नौकरी और कारोबार में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में स्थिति मजबूत होने की संभावना है। लंबे समय से अटका हुआ कोई काम भी गति पकड़ सकता है।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि के लिए बुध से बनने वाले योग विशेष महत्व रख सकते हैं। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं और व्यापार से जुड़े लोगों को लाभ के मौके प्राप्त हो सकते हैं। बातचीत और संपर्कों के माध्यम से कोई महत्वपूर्ण काम बन सकता है। धन से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद की जा सकती है।

3. सिंह राशि

गुरु का सिंह राशि में प्रवेश इस राशि के जातकों के लिए खास माना जा सकता है। आत्मविश्वास बढ़ सकता है और करियर में आगे बढ़ने के नए रास्ते खुल सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी या अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति में भी सुधार के योग बन सकते हैं।

4. तुला राशि

तुला राशि के स्वामी शुक्र हैं, इसलिए शुक्र से जुड़े शुभ योगों का प्रभाव इस राशि के जातकों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। धन लाभ के अवसर मिल सकते हैं। सुख-सुविधाओं में वृद्धि और भौतिक संसाधनों पर खर्च के योग बन सकते हैं। व्यापार और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों को फायदा हो सकता है।

5. धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए गुरु का राशि परिवर्तन महत्वपूर्ण माना जा सकता है। भाग्य का साथ मिलने की उम्मीद रहेगी और कामकाज में तरक्की के अवसर सामने आ सकते हैं। नौकरी, व्यापार और शिक्षा से जुड़े मामलों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति भी पहले की तुलना में बेहतर हो सकती है।

बिहार के इन परिवारों को बड़ी राहत! सरकार भेजेगी 7-7 हजार रुपये

पटना। बिहार में बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार ने बाढ़ पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की तैयारी की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पश्चिम चंपारण के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेते हुए अधिकारियों को प्रभावित परिवारों के बैंक खातों में 7-7 हजार रुपये की सहायता राशि भेजने के निर्देश दिए हैं।

9 अक्टूबर को DBT से भेजने की तैयारी

मिली जानकारी के मुताबिक, राहत राशि 9 अक्टूबर को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए लाभार्थियों के खातों में भेजे जाने की तैयारी है। यानी दुर्गापूजा से पहले प्रभावित परिवारों को आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद है। इससे पहले भी राज्य सरकार की ओर से 8,27,472 बाढ़ प्रभावित परिवारों को करीब 579.23 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है।

राहत शिविर में सीएम ने परोसा खाना

मुख्यमंत्री ने पश्चिम चंपारण के बैरिया प्रखंड में राहत शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां रह रहे लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली और सामुदायिक रसोई में खुद लोगों को भोजन परोसा। इसके बाद अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत कार्यों की समीक्षा की गई।

राहत शिविर और राशन की व्यवस्था

सरकार ने निर्देश दिया है कि जब तक बाढ़ की स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती, प्रभावित इलाकों में सामुदायिक रसोई चलती रहें। जरूरतमंद लोगों को सूखा राशन और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराने के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।

बाढ़ के स्थायी समाधान पर भी काम

मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपाल की तराई से आने वाले पानी के कारण कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनती है। स्थायी समाधान की दिशा में कोसी और महानंदा नदी का वैज्ञानिक सर्वे कराया जा रहा है। सरकार का कहना है कि पानी घटने के साथ कई इलाकों में हालात जल्द सामान्य होने की उम्मीद है।

बड़ी खुशखबरी! यूपी में 10वीं, ग्रेजुएट, डिप्लोमा वालों के लिए बंपर भर्ती

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने खेल निदेशालय में विभिन्न पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती अभियान के जरिए कुल 108 पद भरे जाएंगे। अलग-अलग पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता भी अलग निर्धारित की गई है।

इन पदों पर होगी भर्ती

भर्ती में ग्राउंड्समैन, डिप्टी स्पोर्ट्स ऑफिसर, असिस्टेंट कोच और लाइफगार्ड समेत कई पद शामिल हैं। असिस्टेंट कोच के पदों पर विभिन्न खेलों के लिए नियुक्तियां की जाएंगी। पद के अनुसार 10वीं, डिप्लोमा या स्नातक योग्यता वाले उम्मीदवारों के लिए अवसर उपलब्ध हो सकते हैं।

14 अक्टूबर से आवेदन

इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 14 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। इच्छुक उम्मीदवार 4 नवंबर 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। आवेदन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in के जरिए ऑनलाइन किया जाएगा।

PET-2025 स्कोर जरूरी

यह भर्ती Sports Directorate Main Examination (PET-2025)/22 के तहत होगी और इसका विज्ञापन संख्या 22-परीक्षा/2026 है। मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों को उनके PET-2025 के नॉर्मलाइज्ड स्कोर के आधार पर शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। इसके बाद लिखित परीक्षा के जरिए चयन प्रक्रिया पूरी होगी।

आवेदन से पहले नोटिफिकेशन पढ़ें

अलग-अलग पदों के लिए योग्यता, आयु सीमा, शुल्क और अन्य शर्तें अलग हो सकती हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले UPSSSC की वेबसाइट पर जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन जरूर पढ़ें और अपनी पात्रता जांचने के बाद ही फॉर्म भरें।

किडनी खराब होने से पहले शरीर देता है ये 5 संकेत! समय रहते पहचानें

हेल्थ डेस्क। किडनी शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में शामिल है। यह खून से अपशिष्ट पदार्थ और अतिरिक्त पानी बाहर निकालने के साथ शरीर में तरल पदार्थ और कई जरूरी तत्वों का संतुलन बनाए रखने में मदद करती है। किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होने पर शरीर में कुछ बदलाव नजर आ सकते हैं। हालांकि, शुरुआती किडनी बीमारी में कई बार कोई स्पष्ट लक्षण भी नहीं दिखते। ऐसे में नियमित जांच खास तौर पर जोखिम वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण है।

1. पैरों और चेहरे पर सूजन

किडनी ठीक तरह से काम न करने पर शरीर में अतिरिक्त पानी और नमक जमा हो सकता है। इससे पैरों, टखनों, हाथों या आंखों के आसपास सूजन दिखाई दे सकती है।

2. पेशाब में बदलाव

पेशाब की मात्रा या बार-बार पेशाब आने के तरीके में बदलाव किडनी से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। पेशाब में झाग या खून दिखाई देना भी जांच की वजह हो सकता है।

3. लगातार थकान और कमजोरी

किडनी की बीमारी बढ़ने पर शरीर में अपशिष्ट पदार्थ जमा हो सकते हैं। इसके साथ व्यक्ति को लगातार थकान, कमजोरी या ऊर्जा की कमी महसूस हो सकती है।

4. भूख कम लगना और मतली

किडनी की कार्यक्षमता गंभीर रूप से प्रभावित होने पर शरीर में अपशिष्ट पदार्थ बढ़ सकते हैं। ऐसी स्थिति में भूख कम लगना, मतली या उल्टी जैसी शिकायत हो सकती है।

5. सांस फूलना या नींद में परेशानी

शरीर में अतिरिक्त तरल पदार्थ जमा होने या किडनी की बीमारी से जुड़ी अन्य समस्याओं के कारण सांस फूलना और नींद में परेशानी हो सकती है। ऐसे लक्षण लगातार बने रहें तो चिकित्सकीय जांच जरूरी है।

कब कराएं जांच?

इनमें से कोई लक्षण दिखने का मतलब यह नहीं है कि किडनी खराब हो रही है, क्योंकि इनके कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं। लेकिन लगातार सूजन, पेशाब में खून, सांस लेने में गंभीर परेशानी या तेजी से बिगड़ती तबीयत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। डॉक्टर जरूरत के अनुसार ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट और किडनी की जांच की सलाह दे सकते हैं।

यूपी में बिजली ग्राहकों के लिए बड़ी खुशखबरी! अब मिलेगी बिल में राहत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए अक्टूबर का महीना राहत लेकर आया है। इस महीने बिजली बिल में 5.24 फीसदी की कमी देखने को मिल सकती हैं। यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने अक्टूबर के लिए फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज यानी FPPAS को -5.24 फीसदी तय किया है।

करीब 425 करोड़ रुपये की बचत

इस कटौती का सीधा फायदा बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगा। अनुमान के मुताबिक अक्टूबर में इस राहत से उपभोक्ताओं की कुल करीब 424.45 करोड़ रुपये की बचत होगी। यह फैसला जुलाई में बिजली खरीद और वितरण की लागत के आधार पर लिया गया है।

जुलाई में UPPCL ने करीब 16,407.07 मिलियन यूनिट बिजली खरीदी थी। इसकी औसत खरीद लागत ₹4.69 प्रति यूनिट रही, जो स्वीकृत ₹4.94 प्रति यूनिट से कम थी। इसी अंतर के चलते अक्टूबर के लिए नकारात्मक FPPAS तय हुआ।

लगातार चौथे महीने मिली राहत

खास बात यह है कि अक्टूबर लगातार चौथा महीना है, जब FPPAS के जरिए उपभोक्ताओं के बिजली बिल में कमी आई है। इससे पहले जुलाई में 4.43 फीसदी, अगस्त में 2.92 फीसदी और सितंबर में 7.93 फीसदी की राहत दी गई थी।

UPPCL के अनुसार यह व्यवस्था निर्धारित नियामकीय नियमों के तहत लागू की जाती है। ऐसे में अक्टूबर के बिजली बिल में उपभोक्ताओं को इस कटौती का सीधा लाभ देखने को मिलेगा।

केंद्र सरकार की भर गई झोली, GST कलेक्शन में 14.7% उछाल

नई दिल्ली। देश में जीएसटी से होने वाली कमाई में सितंबर महीने के दौरान जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक सितंबर में कुल ₹2,03,521 करोड़ का GST कलेक्शन हुआ, जो पिछले साल इसी महीने के मुकाबले 14.7 फीसदी अधिक है। वहीं वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर के दौरान कुल GST संग्रह ₹12,46,278 करोड़ रहा।

नेट GST रेवेन्यू भी बढ़ा

सितंबर के आंकड़ों में CGST से ₹37,762 करोड़, SGST से ₹45,363 करोड़ और IGST से ₹1,20,396 करोड़ का संग्रह हुआ। इस दौरान नेट GST रेवेन्यू सालाना आधार पर 18.1 फीसदी बढ़कर करीब ₹1,76,520 करोड़ रहा। वहीं, रिफंड की बात करें तो सितंबर में पिछले साल की तुलना में इसमें करीब 3 फीसदी की कमी दर्ज की गई। इससे नेट राजस्व में बढ़ोतरी को भी सहारा मिला।

महाराष्ट्र सबसे आगे, यूपी की बढ़ी कमाई

राज्यों में सितंबर के दौरान महाराष्ट्र सबसे आगे रहा। यहां GST कलेक्शन ₹29,986 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 15 फीसदी ज्यादा है। इसके बाद कर्नाटक में ₹13,884 करोड़ और गुजरात में ₹12,222 करोड़ का संग्रह हुआ। उत्तर प्रदेश में भी GST कलेक्शन में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई। राज्य का संग्रह करीब 18 फीसदी बढ़कर ₹8,882 करोड़ पहुंच गया, जबकि पिछले साल सितंबर में यह ₹7,516 करोड़ था।

इन राज्यों में दर्ज हुई गिरावट

जहां कई राज्यों में GST संग्रह बढ़ा, वहीं कुछ राज्यों में कमी भी देखने को मिली। सिक्किम में कलेक्शन 51 फीसदी घटकर ₹194 करोड़ रहा। जम्मू-कश्मीर में 29 फीसदी, उत्तराखंड में 23 फीसदी और हिमाचल प्रदेश में 21 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। तमिलनाडु में भी GST राजस्व करीब 5 फीसदी कम हुआ।

खुशखबरी की बड़ी घोषणा! यूपी में एकसाथ 2 नई भर्ती, ऐसे करें आवेदन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने अलग-अलग विभागों में कुल 520 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया का ऐलान किया है। इनमें युवा कल्याण विभाग के 412 पद और खेल विभाग से जुड़े 108 पद शामिल हैं। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित तारीखों में ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

1 .युवा कल्याण विभाग में 412 पद

UPSSSC ने विज्ञापन संख्या 23-परीक्षा/2026 के तहत क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी और व्यायाम प्रशिक्षक के पदों पर मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन मांगे हैं। इस भर्ती में कुल 412 पद शामिल हैं।

आवेदन प्रक्रिया 16 अक्टूबर 2026 से शुरू होकर 6 नवंबर 2026 तक चलेगी। उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

2 .खेल विभाग में 108 पदों पर भर्ती

दूसरी भर्ती के तहत विभिन्न खेल पदों पर 108 रिक्तियां भरी जाएंगी। इसमें ग्राउंड्समैन, डिप्टी स्पोर्ट्स ऑफिसर, असिस्टेंट कोच (स्विमिंग), असिस्टेंट कोच (क्रिकेट) समेत कई पद शामिल हैं।

इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 14 अक्टूबर से 4 नवंबर 2026 तक किए जा सकेंगे। आवेदन केवल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे।

आवेदन से पहले नोटिफिकेशन जरूर देखें

दोनों भर्तियों में पद के अनुसार योग्यता, आयु सीमा, चयन प्रक्रिया और अन्य शर्तें अलग हो सकती हैं। ऐसे में अभ्यर्थियों को आवेदन करने से पहले संबंधित आधिकारिक नोटिफिकेशन ध्यान से पढ़ना चाहिए। निर्धारित तारीख के बाद आवेदन का मौका नहीं मिलेगा।