हाईकोर्ट ने बीसीआई से पेश रिपोर्ट देखने के बाद नामांकन पर रोक लगा दी। साथ ही कहा है की इस मामले पर अगली सुनवाई 12 अप्रैल को होगी। इसके बाद इसपर कोई फैसला किया जायेगा। तबतक नामांकन की प्रक्रिया पर रोक रहेगी।
बता दें की बिहार के चाणक्या नेशनल लॉ कॉलेज को छोड़ दिया जाये तो बिहार में कोई भी ऐसा लॉ कॉलेज नहीं हैं। जहां कानून की पढ़ाई के लिए सुविधाएं मौजूद हैं। आवेदक के वकील दीनू कुमार ने कोर्ट को बताया की बिहार के लॉ कॉलेजों में योग्य शिक्षक की काफी कमी है। राज्य के कई कॉलेजों में क्लास तक नहीं होते है।
उन्होंने कोर्ट को जानकारी दी है की सरकारी व निजी लॉ कालेजों में 2008 के प्रावधानों का पालन नहीं हो रहा है। इसका सीधा असर कानून की पढ़ाई करने वाले छात्रों पर पड़ हैं। बिहार में सिर्फ नाम के लॉ कॉलेज हैं जो धड़ल्ले से चल रहे हैं।

0 comments:
Post a Comment