शास्त्रों में सूर्य देव को जल चढ़ाने का सही समय!

धर्म डेस्क: सूर्य देव को जल चढ़ाने का सही समय शास्त्रों में विशेष रूप से प्रातः काल के समय को बताया गया है। इसे ब्रह्म मुहूर्त कहा जाता है, जो सूर्योदय से पहले का समय होता है, जब वातावरण में शुद्धता और ताजगी होती है। प्रातः काल में सूर्य को जल चढ़ाने से शरीर और आत्मा दोनों को शुद्धि मिलती है।

सूर्य को जल चढ़ाने का सबसे उत्तम समय:

सूर्योदय से पहले (ब्रह्म मुहूर्त): यह समय आदर्श माना जाता है क्योंकि इस समय वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

सूर्योदय से 1 घंटे पहले तक: सूर्योदय के बाद का समय भी सूर्य पूजा के लिए उपयुक्त है, लेकिन ब्रह्म मुहूर्त में अधिक लाभ होता है।

संध्या समय: सूर्यास्त के समय भी सूर्य देवता को जल चढ़ाने का महत्व है, क्योंकि यह समय दिव्य ऊर्जा का होता है और शरीर में संतुलन बनाए रखने के लिए सहायक होता है।

जल चढ़ाते समय सूर्य मंत्र का जाप करें।

सूर्य देव को जल चढ़ाते समय 'ॐ ह्रीं सूर्याय नमः', 'ॐ घृणिः सूर्याय नमः', और 'ॐ आदित्याय नमः' जैसे मंत्रों का जाप किया जाता है। 

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