यूपी के गांव-गांव में होगा ये काम, सर्वेक्षण शुरू!

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने ऐलान किया है कि राज्य के अति गरीबों को केंद्र और राज्य सरकार की 201 योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। इस योजना के तहत अगले वर्ष अक्टूबर तक 15 लाख अति गरीब परिवारों को चिह्नित कर गरीबी रेखा से ऊपर लाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए राज्य सरकार ने सर्वेक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसमें प्रत्येक गांव से 25-25 अति गरीब परिवारों को चिन्हित किया जा रहा हैं।

अति गरीब परिवारों का चयन और प्राथमिकताएँ:

सर्वेक्षण के दौरान पहले चरण में उन परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिन्हें अब तक किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिला है। इस अभियान का उद्देश्य उन परिवारों की पहचान करना है जो गरीबी की मार झेल रहे हैं और जिनकी आर्थिक स्थिति बेहद नाजुक है। योजना के तहत उन परिवारों को भी प्राथमिकता दी जाएगी जो आवासहीन हैं, जिनके पास कच्चे मकान हैं, भूमिहीन हैं और जो दिहाड़ी मजदूरी से अपना जीवन यापन करते हैं। 

सर्वेक्षण और सत्यापन की प्रक्रिया:

सर्वेक्षण की प्रक्रिया में ग्राम प्रधान, पूर्व प्रधान, विद्यालय के हेड मास्टर, दो स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष, आशा कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी वर्कर शामिल होंगे। यह समितियाँ चयनित परिवारों की सूची को सत्यापित करेंगी और सुनिश्चित करेंगी कि चयनित परिवार वास्तव में जरूरतमंद हैं।

अभियान का उद्देश्य:

पंचायतीराज मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि प्रत्येक गांव के 25-25 अति गरीब परिवारों को चिन्हित किया जाए और उन्हें गरीबी से उबारने के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ दिलवाया जाए। इस योजना के तहत गरीबों को गरीबी रेखा से ऊपर लाकर उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।

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