बिहार में अवैध नर्सिंग होम पर कार्रवाई, 15 क्लीनिक सील

मुजफ्फरपुर: बिहार में अवैध रूप से संचालित हो रहे नर्सिंग होम्स के खिलाफ सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। स्वास्थ्य विभाग के नियमों और कानूनों का उल्लंघन करते हुए बिना पंजीकरण और निर्धारित मानदंडों के चलते कई नर्सिंग होम्स अवैध रूप से काम कर रहे थे। इस पर प्रशासन ने अब कार्रवाई शुरू कर दी है, जिसके तहत 15 नर्सिंग होम्स को सील कर दिया गया और इसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

अवैध नर्सिंग होम्स का खतरा

हाल ही में जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) सुब्रत कुमार सेन के आदेश पर एसकेएमसीएच (श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल) के आसपास अवैध नर्सिंग होम्स पर छापेमारी की गई। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 17 नर्सिंग होम्स की जांच की और पाया कि इन संस्थानों ने बिहार क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट का उल्लंघन किया है। जांच में यह भी सामने आया कि इन नर्सिंग होम्स में डॉक्टर्स की विशेषज्ञता, लाइसेंस, तकनीकी स्टाफ की योग्यता और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की कमी थी, जो कि सरकारी मानदंडों के तहत अनिवार्य थे।

नर्सिंग होम्स सील हुए

अवधारित जांच के बाद, प्रशासन ने जिन 15 नर्सिंग होम्स को सील किया है, उनमें प्रमुख हैं: पीडीएम हॉस्पिटल, मयंक नर्सिंग होम, चांदनी मेडिकल हॉल, मंगलम हेल्थकेयर, अन्नु हेल्थकेयर, न्यू मानव सेवा नर्सिंग होम, राधे नर्सिंग होम, उमा नर्सिंग होम, अर्चना नर्सिंग होम, सम्राट हॉस्पिटल, न्यू अपना हॉस्पिटल और अन्य।

प्रशासन की सख्ती

डीएम सुब्रत कुमार सेन ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस तरह की लापरवाही और धोखाधड़ी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने एसडीओ (सिविल सर्जन) को आदेश दिए हैं कि वे नियमित रूप से इन अवैध नर्सिंग होम्स की निगरानी करें और जो भी नियमों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

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