आ गई 8वें वेतन आयोग की डेट, सैलरी कैसे तय होगी?

नई दिल्ली: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) का इंतजार खत्म होने वाला है। 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने के बाद लगभग 9 साल का वक्त हो चुका है, और अब एक नए आयोग के गठन की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। इससे सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी और पेंशन में बढ़ोतरी की संभावना है, जिससे उनके जीवन स्तर में भी सुधार होने की उम्मीद है।

8वें वेतन आयोग का कार्यप्रणाली

8वें वेतन आयोग का गठन 2025 के अप्रैल महीने में हो सकता है, जैसा कि सरकार के सूत्रों से जानकारी मिल रही है। इससे पहले, केंद्रीय कैबिनेट द्वारा इस आयोग की संदर्भ की शर्तों को मंजूरी दी जाएगी, जिसके बाद आयोग के सदस्यों की नियुक्ति और डेटा संग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। आयोग का मुख्य उद्देश्य केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में वृद्धि के लिए सिफारिशें तैयार करना होगा।

आयोग की सिफारिशों का प्रभाव

आयोग के गठन के बाद सबसे बड़ी चुनौती होगी फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) तय करना। सूत्रों के अनुसार, फिटमेंट फैक्टर को 1.90 तक तय किया जा सकता है। इसका मतलब है कि केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में 90% तक बढ़ोतरी हो सकती है। यदि फिटमेंट फैक्टर 2.50 तक बढ़ता है, तो यह बढ़ोतरी और भी अधिक हो सकती है। इससे केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी ₹18,000 से बढ़कर ₹34,200 तक जा सकती है।

पेंशनर्स को भी मिलेगा फायदा

7वें वेतन आयोग के तहत पेंशनरों की न्यूनतम पेंशन ₹9,000 थी, जो 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद ₹17,100 तक पहुंच सकती है। वहीं, अधिकतम पेंशन ₹1,25,000 से बढ़कर ₹2,37,500 तक जा सकती है। जल्द ही पूरी डिटेल्स जारी की जा सकती हैं।

8वें वेतन आयोग से कितना फायदा होगा?

8वें वेतन आयोग का सबसे बड़ा लाभ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को होगा। अनुमान है कि करीब 50 लाख से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारी इस आयोग से लाभान्वित होंगे। इसके अलावा, 65 लाख से अधिक पेंशनर्स को भी पेंशन वृद्धि का फायदा मिलेगा।

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