बता दें की मेजर ध्यानचंद का जन्म 29 अगस्त 1905 को भारत के इलाहाबाद में हुआ था। प्रारंभिक शिक्षा के बाद वो 16 साल की उम्र में सिपाही के तौर पर सेना में भर्ती हो गए और बाद में ध्यानचंद दुनिया के एक महान हॉकी खिलाड़ी बने।
खबर के अनुसार ध्यानचंद ने तीन ओलिम्पिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया तथा तीनों बार देश को स्वर्ण पदक दिलाने में कामयाब रहें। साथ ही साथ भारत ने 1932 में 37 मैच में 338 गोल किए, जिसमें अकेले ध्यानचंद ने 133 गोल किए थे।
हॉकी के खेल के कारण सेना में उनकी पदोन्नति हुई। 1938 में उन्हें 'वायसराय का कमीशन' मिला और वे जमादार बन गए। उसके बाद सूबेदार फिर लेफ्टीनेंट और फिर कैप्टन बने और बाद में उन्हें मेजर बना दिया गया। तब से इन्हे मेजर ध्यानचंद कहा जाता हैं।

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