खबर के अनुसार शहर से लेकर गांवों तक में रहने वाले जरूरतमंद और गरीब वर्ग के लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार के द्वारा ये योजना चलाई जा रही हैं। इस योजना की सबसे खास बात यह हैं की लोगों को बिना किसी गारंटी के ऋण दिया जा रहा हैं।
बता दें की प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत 18 पारंपरिक व्यापारों को जोड़ा गया है और इन्हीं को लाभ दिया जाता है। अगर आप इसका लाभ लेना चाहते हैं तो आप ऑनलाइन के द्वारा आवेदन कर सकते हैं और इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
ये लोग ले सकते हैं लाभ?
अस्त्रकार या मूर्तिकार, पत्थर तराशने वाले हैं।
जो फिशिंग नेट निर्माता और टोकरी/चटाई/झाड़ू बनाने वाले हैं।
आप हथौड़ा और टूलकिट निर्माता, राजमिस्त्री, नाव निर्माता और लोहार।
गुड़िया और खिलौना निर्माता, मोची/जूता बनाने वाले कारीगर हैं और दर्जी।
ताला बनाने वाले, नाई, मालाकार और धोबी आदि के काम करने वाले इसका लाभ ले सकते हैं।

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