संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में कुल 15 सदस्य होते हैं:
5 स्थायी सदस्य (Permanent Members): अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस, और ब्रिटेन स्थायी सदस्य हैं। इन देशों को वीटो पावर प्राप्त है।
10 अस्थायी सदस्य (Non-Permanent Members): ये सदस्य दो साल के लिए चुने जाते हैं और इनको वीटो पावर नहीं मिलता है।
भारत और वीटो पावर:
भारत कई वर्षों से UNSC में स्थायी सदस्यता और वीटो पावर की मांग करता रहा है, क्योंकि वह एक प्रमुख वैश्विक शक्ति है और उसका मानना है कि उसे UNSC में समान अधिकार मिलना चाहिए। लेकिन अभी तक भारत को वीटो पावर की शक्ति नहीं मिली हैं।
भारत को Veto Power मिलने से किसे है परेशानी?
चीन: चीन पहले से ही UNSC का स्थायी सदस्य है और उसे भारत की स्थायी सदस्यता मिलने से अपने प्रभाव को चुनौती मिलने का डर है। चीन के लिए भारत एक प्रमुख क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धी है, और UNSC में भारत की वृद्धि चीन के रणनीतिक हितों के खिलाफ हो सकती है।
पाकिस्तान: पाकिस्तान को भी भारत की UNSC में स्थायी सदस्यता से परेशानी हो सकती है, क्योंकि पाकिस्तान और भारत के बीच कई विवादों (जैसे कश्मीर मुद्दा) के कारण पाकिस्तान को लगता है कि भारत को वीटो पावर मिलने से उसे और उसके हितों को दबाया जा सकता है।
कुछ पश्चिमी देश: कई पश्चिमी देश, विशेष रूप से यूरोपीय यूनियन के सदस्य, भी इस प्रस्ताव से चिंतित हो सकते हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि भारत की स्थायी सदस्यता और वीटो पावर मिलने से उनका प्रभाव कम हो सकता है। हालांकि, यह उनके राष्ट्रीय और सामूहिक हितों पर निर्भर करता है।

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