7 एकड़ में विकसित होगा अत्याधुनिक कृषि केंद्र
यह महत्वाकांक्षी केंद्र पीलीभीत की अमरिया तहसील के टांडा बिजैसी गांव में लगभग सात एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। भूमि आवंटन को राज्य सरकार से स्वीकृति मिल चुकी है और अब जल्द ही निर्माण व अधोसंरचना विकास की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। प्रस्तावित केंद्र में अनुसंधान इकाई, उन्नत बीज उत्पादन यूनिट, प्रशिक्षण परिसर और जैविक खेती का प्रदर्शन क्षेत्र शामिल होगा।
किसानों के लिए वरदान साबित होगा नया केंद्र
पीलीभीत और आसपास के बासमती उत्पादक इलाकों के किसानों के लिए यह केंद्र किसी मील के पत्थर से कम नहीं होगा। यहां उन्हें उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बासमती बीज, बीज ट्रेसेबिलिटी, अंतरराष्ट्रीय अवशेष मानकों और गुणवत्ता सुधार से जुड़ा तकनीकी मार्गदर्शन मिलेगा। इससे बासमती उत्पादन अधिक संगठित, सुरक्षित और निर्यात के अनुकूल बन सकेगा।
जैविक खेती और आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण
इस केंद्र का एक प्रमुख उद्देश्य किसानों को जैविक खेती की ओर प्रोत्साहित करना है। यहां उन्नत बासमती किस्मों का फील्ड प्रदर्शन, कीट एवं रोग प्रबंधन, प्राकृतिक खेती के तरीके, बीज उत्पादन तकनीक और गुणवत्ता मानकों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। शुद्ध और प्रमाणित बीज उपलब्ध होने से किसानों की उत्पादन लागत कम होगी, फसल की गुणवत्ता बेहतर होगी और उन्हें बाजार में प्रीमियम कीमत मिलने की संभावना बढ़ेगी।
बासमती निर्यात और एग्री–बिजनेस को मिलेगा नया आयाम
यह केंद्र बासमती निर्यातकों, प्रोसेसरों और एग्री–उद्यमियों के लिए भी बेहद उपयोगी साबित होगा। यहां अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों, निर्यात प्रक्रियाओं, वैश्विक बाजार की मांग, डीएनए परीक्षण और अवशेष जांच जैसी तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। प्रस्तावित विश्वस्तरीय प्रयोगशालाएं और बीज प्रोसेसिंग यूनिट पीलीभीत को बासमती निर्यात के नक्शे पर एक नई पहचान दिलाएंगी।

0 comments:
Post a Comment