जमीन का मालिक कर सकेगा मनचाहा उपयोग
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने स्पष्ट किया है कि अधिग्रहण के दायरे से बाहर बची हुई भूमि पर पूरा अधिकार संबंधित भू-स्वामी का रहेगा। वह अपनी आवश्यकता के अनुसार उस जमीन का उपयोग, निर्माण, खेती या अन्य वैध कार्यों के लिए कर सकता है। यदि वह जमीन बेचना चाहता है तो उस पर भी अनावश्यक प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा।
जिलाधिकारियों को दिए गए स्पष्ट निर्देश
विभाग की ओर से सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि नए आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। अधिकारियों से कहा गया है कि भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों में केवल उसी हिस्से पर रोक लगाई जाए, जो वास्तव में अधिग्रहण की प्रक्रिया में शामिल है। शेष भूमि पर किसी प्रकार का प्रतिबंध लगाना उचित नहीं होगा।
अधिग्रहित हिस्से पर ही लागू होगी रोक
नई व्यवस्था के तहत अब केवल उसी जमीन पर रोक प्रभावी रहेगी, जो अधिग्रहण की प्रक्रिया में शामिल है। यदि किसी खेसरा का शेष भाग अधिग्रहण से बाहर है, तो उसकी खरीद-बिक्री और अन्य वैध लेनदेन सामान्य रूप से किए जा सकेंगे। इससे भूमि मालिकों को अपनी संपत्ति का बेहतर उपयोग करने का अवसर मिलेगा।
जमीन मालिकों को मिलेगा सीधा लाभ
सरकार के इस फैसले से भूमि अधिग्रहण से जुड़े विवाद कम होने की उम्मीद है। साथ ही जमीन मालिकों को अपनी बची हुई भूमि के उपयोग और लेनदेन में अनावश्यक बाधाओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह निर्णय विकास परियोजनाओं और नागरिकों के अधिकारों के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
.png)
0 comments:
Post a Comment