दानापुर-फतुहा रेलखंड पर बढ़ेगी क्षमता
लगभग 29 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड पर वर्तमान में ट्रेनों का संचालन अपनी अधिकतम क्षमता के करीब पहुंच चुका है। नए ट्रैक बनने के बाद यात्री और मालगाड़ियों का संचालन अधिक सुगम होगा। रेलवे का उद्देश्य भविष्य की बढ़ती रेल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस मार्ग को और मजबूत बनाना है।
कहां बिछेंगी नई रेल लाइनें?
परियोजना के तहत दानापुर से पटना के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा पटना से राजेंद्र नगर और पटना साहिब तक तीसरी लाइन बिछाई जाएगी। वहीं पटना साहिब से फतुहा तक तीसरी और चौथी रेल लाइन विकसित की जाएगी। इन नए ट्रैक के तैयार होने से ट्रेनों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित और तेज हो सकेगी।
ट्रेनों की लेटलतीफी में आएगी कमी
अभी इस व्यस्त रेलखंड पर ट्रेनों को कई बार एक-दूसरे के गुजरने या रास्ता मिलने का इंतजार करना पड़ता है। अतिरिक्त रेल लाइन बनने के बाद यह समस्या काफी हद तक कम होगी। इससे ट्रेन संचालन अधिक समयबद्ध होगा और यात्रियों को भी समय पर यात्रा का लाभ मिलेगा।
22 नई यात्री ट्रेनें चलाने की बनेगी क्षमता
रेलवे के अनुमान के अनुसार परियोजना पूरी होने के बाद इस मार्ग पर प्रतिदिन 22 अतिरिक्त यात्री ट्रेनें और 18 अतिरिक्त मालगाड़ियां संचालित करने की क्षमता विकसित हो जाएगी। इससे यात्रियों को अधिक ट्रेनों का विकल्प मिलेगा और माल परिवहन भी पहले से अधिक तेज और सुचारु होगा।
नई रेल लाइन से माल ढुलाई को मिलेगा बढ़ावा
नई रेल लाइन बनने के बाद हर वर्ष लगभग 52 लाख टन अतिरिक्त माल की ढुलाई संभव हो सकेगी। कोयला, सीमेंट, खनिज और अन्य औद्योगिक उत्पादों के परिवहन में तेजी आएगी, जिससे उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

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