केंद्र सरकार का फैसला, कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, बढ़ा भत्ता

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने रेलवे और विभिन्न केंद्रीय स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत पात्र स्वास्थ्य कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए अस्पताल रोगी देखभाल भत्ता (Hospital Patient Care Allowance-HPCA) तथा रोगी देखभाल भत्ता (Patient Care Allowance-PCA) में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। यह फैसला महंगाई भत्ते (डीए) के 50 प्रतिशत से अधिक होने के बाद लिया गया है। संशोधित दरें 1 जनवरी 2024 से प्रभावी मानी जाएंगी, जिससे कर्मचारियों को बढ़े हुए भत्ते के साथ पिछले समय का एरियर भी मिलेगा।

किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

इस निर्णय का लाभ केंद्र सरकार के अधीन कार्यरत पात्र नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मचारियों और अन्य गैर-मंत्रालयी स्वास्थ्य कर्मियों को मिलेगा। भारतीय रेलवे के अस्पतालों, केंद्रीय अस्पतालों और मंडलीय स्वास्थ्य इकाइयों में कार्यरत पात्र कर्मचारी भी इस बढ़े हुए भत्ते के दायरे में आएंगे।

नई दरों के अनुसार कितना मिलेगा भत्ता

सातवें वेतन आयोग के पे-मैट्रिक्स के आधार पर भत्ते की नई दरें निर्धारित की गई हैं।

पे-मैट्रिक्स लेवल-1 से लेवल-8 तक के पात्र कर्मचारियों को अब 4,100 रुपये के बजाय 5,125 रुपये प्रति माह भत्ता मिलेगा।

पे-मैट्रिक्स लेवल-9 और उससे ऊपर के पात्र कर्मचारियों का भत्ता 5,300 रुपये से बढ़ाकर 6,625 रुपये प्रति माह कर दिया गया है।

चूंकि यह संशोधन 1 जनवरी 2024 से लागू माना गया है, इसलिए पात्र कर्मचारियों को बढ़ी हुई राशि का एरियर भी एकमुश्त दिया जाएगा।

पहले जैसी रहेंगी भत्ते की शर्तें

भत्ते से संबंधित अन्य नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यदि कोई कर्मचारी एक कैलेंडर माह से अधिक समय तक अवकाश या प्रशिक्षण पर रहता है, तो उस अवधि के लिए भत्ता देय नहीं होगा। इसी प्रकार अनधिकृत अनुपस्थिति की स्थिति में भी संबंधित कर्मचारी इस सुविधा का लाभ नहीं ले सकेगा।

कर्मचारियों को मिलेगी आर्थिक राहत

महंगाई के बीच भत्ते में की गई यह वृद्धि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों के लिए आर्थिक रूप से राहत देने वाला कदम माना जा रहा है। बढ़ी हुई मासिक राशि और एरियर के भुगतान से हजारों पात्र कर्मचारियों की आय में बढ़ोतरी होगी। रेलवे और केंद्र सरकार के स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों को अब संशोधित दरों के अनुसार भत्ते का लाभ मिलेगा।

0 comments:

Post a Comment