बिहार पंचायत राज कानून में हुआ संशोधन, जानें नया कानून

न्यूज डेस्क: बिहार में पंचायती राज व्यवस्था का जब गठन किया गया था तो इसमें कोई प्रबधन नहीं बनाये गए थे की अगर किसी कारण बस पंचायत का चुनाव समय पर नहीं होता हैं तो पंचायत के काम कार्य की जिम्मेदारी किसके पास होगी।

राज्य में पहली बार ऐसी स्थिति उत्पन हुई है की कोरोना महामारी के कारण पंचायत का चुनाव टाल दिया गया हैं। इसी के कारण बिहार सरकार ने पंचायत राज कानून में संशोधन किया हैं। अब इसे राज्यपाल से भी स्वीकृति मिल गई हैं।

बिहार पंचायत राज कानून में हुआ संशोधन, जानें नया कानून

1 .नए कानून के मुताबिक अगर किसी कारण से राज्य में त्रि-स्तरीय ग्राम पंचायत का चुनाव समय पर नहीं होता है तो संबंधित संस्थाएं स्वत: भंग हो जाएंगी।

2 .बता दें की नए कानून के अनुसार पंचायतों में निहित सभी शक्ति और उनका कार्य संपादन की जिम्मेदारी परामर्शी समिति की होगी। 

3 .परामर्शी समिति कोई नई योजना नहीं ला सकता हैं। लेकिन पहले से चली आ रही योजना को चालु रख सकता हैं ताकि काम कार्य प्रभावित ना हो।

4 .राज्य में पंचायत चुनाव ना होने की स्थिति में बिहार सरकार अधिसूचना के माध्यम से परामर्शी समिति का गठन करेगी।

5 .बिहार में अभी तक पंचायत के चुनाव नहीं हुए हैं। इसलिए 15 जून के बाद राज्य के सभी पंचायतों में यह नियम लागू होगा।

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