खबर के अनुसार गांधीनगर शहर के महापौर ने इन बच्चों के माता-पिता को प्रतिमाह आर्थिक राहत देने के लिए एक संशोधन का प्रस्ताव रखा, जिसपर सभी ने मंजूरी दे दी। इससे टाइप-1 मधुमेह से पीड़ित बच्चों के परिवार को आर्थिक सहायता मिलेगी।
आपको बता दें की गांधीनगर में बहुत से छोटे बच्चे टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित हैं। इन छोटे बच्चों को प्रतिदिन इंसुलिन लेना पड़ता है और नियमित रक्त परीक्षण कराना पड़ता है। जिसके कारण सामान्य परिवार के लोगों को काफी परेशानी होती हैं।
नगर पालिका ने सभी की सहमिति से ये फैसला किया हैं की 18 वर्ष तक की आयु के टाइप-1 मधुमेह वाले बच्चों को नगर पालिका की ओर से प्रति माह 1500 रुपये की सहायता दी जाएगी। यह राशि हर महीने सीधे उनके बैंक खाते में जमा की जाएगी।

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