दुनिया को बिहार ने दी ये 10 महान उपलब्धियां

पटना: बिहार, जिसे आज एक पिछड़े राज्य के रूप में देखा जाता है, अपने समृद्ध अतीत के लिए भी जाना जाता है। बिहार का इतिहास वास्तव में गौरवमयी और प्रेरणादायक रहा है, और इस राज्य ने दुनिया को कई महत्वपूर्ण योगदान दिए हैं।

दुनिया को बिहार ने दी ये 10 महान उपलब्धियां

1 .दुनिया का सबसे पहला गणतंत्र बिहार में बना: बिहार के वैशाली में दुनिया का पहला गणतंत्र स्थापित हुआ था, जिसे 'लिच्छवी गणराज्य' के नाम से जाना जाता है।

2 .दुनिया के दो धर्म बिहार से ही निकले: बिहार वह भूमि है जहाँ जैन धर्म और बौद्ध धर्म का जन्म हुआ। महात्मा बुद्ध ने बोधगया में ज्ञान प्राप्त किया था, और भगवान महावीर ने भी बिहार में अपने उपदेश दिए थे।

3 .सर्जरी का ज्ञान बिहार से ही मिला: सुश्रुत, जिन्हें सर्जरी के पिता के रूप में जाना जाता है, बिहार के ही थे। उन्होंने शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

4 .रामायण के लेखक वाल्मीकि भी बिहार के थे: वाल्मीकि, जिन्होंने रामायण का रचनाकार किया, बिहार के मौजूदा बक्सर जिले के एक स्थान से जुड़े हुए थे।

5 .कामसूत्र के रचयिता वात्स्यायन भी बिहार के थे: वात्स्यायन ने 'कामसूत्र' लिखा, जो प्रेम, विवाह और सामाजिक संबंधों पर एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है।

6 .गणित का ज्ञान देने वाले आर्यभट्ट भी बिहार के थे: आर्यभट्ट, जिन्होंने गणित और खगोलशास्त्र के क्षेत्र में क्रांतिकारी कार्य किए, बिहार के थे। उनका 'आर्यभट्टीय' ग्रंथ आज भी प्रासंगिक है।

7 .सिख धर्म के अंतिम गुरु, गुरुगोविंद सिंह का जन्म बिहार में हुआ: गुरुगोविंद सिंह, जिन्होंने सिख धर्म को नए आयाम दिए, उनका जन्म पटना साहेब में हुआ, जो सिखों के लिए एक पवित्र स्थल है।

8 .सम्राट अशोक, जो भारतीय इतिहास के महानतम शासक माने जाते हैं, बिहार के थे: सम्राट अशोक ने अपने शासनकाल में धर्मनिरपेक्षता, अहिंसा, और बौद्ध धर्म का प्रचार किया। उनका योगदान भारतीय इतिहास में महत्वपूर्ण माना जाता है, और अशोक चक्र भारतीय ध्वज का हिस्सा है।

9 .दुनिया की सबसे पुरानी यूनिवर्सिटी नालंदा यूनिवर्सिटी बिहार में ही स्थापित हुई थी: नालंदा विश्वविद्यालय, जो प्राचीन शिक्षा का केंद्र था, बिहार में ही स्थित था और इसने पूरे विश्व में ख्याति प्राप्त की थी।

10 .चाणक्य, जो राजनीति और कूटनीति के महान आचार्य थे, बिहार के ही रहने वाले थे: चाणक्य ने अपनी कूटनीतिक नीतियों से सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य को सत्ता में लाने में मदद की, और उनका योगदान आज भी विश्व राजनीति में महत्वपूर्ण माना जाता है।

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