एक्सप्रेसवे के मार्ग और दूरी
यह एक्सप्रेसवे गाज़ियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, कासगंज, फ़र्रूख़ाबाद, कन्नौज, उन्नाव और कानपुर जैसे प्रमुख जिलों को जोड़ता हुआ, लगभग 380 किलोमीटर लंबा होगा। इस एक्सप्रेसवे का निर्माण उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किया गया है, और यह राज्य के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को जोड़ने के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण साबित होने वाला है।
सफर की गति और समय।
गाज़ियाबाद से कानपुर तक का सफ़र पहले सड़क मार्ग से लगभग 8-10 घंटे का समय लेता था, लेकिन इस नए एक्सप्रेसवे के बन जाने के बाद, यह सफ़र करीब 5 घंटे में पूरा हो जाएगा। इससे यात्रियों को समय की बचत होगी और सड़क यात्रा को और भी सुविधाजनक बनाया जाएगा।
महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी।
यह एक्सप्रेसवे उत्तर में गाज़ियाबाद-हापुड़ हाइवे (NH-9) से जुड़ा होगा, जबकि दक्षिण में कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे से इसका कनेक्शन होगा। इस कनेक्टिविटी से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
जेवर एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी।
विशेष रूप से इस एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद, यह भविष्य में नोएडा के जेवर एयरपोर्ट से भी जुड़ सकता है, जिससे एयरपोर्ट तक पहुँचने की प्रक्रिया और भी तेज और सुविधाजनक हो जाएगी। यह कनेक्टिविटी न केवल यात्री यातायात को बढ़ाएगी, बल्कि कारोबार और पर्यटन को भी प्रोत्साहित करेगी।
निर्माण की स्थिति और समयसीमा तय।
गाज़ियाबाद से कानपुर एक्सप्रेसवे का निर्माण पहले ही शुरू हो चुका है, और इसे 2026 तक जनता के लिए खोल दिया जाने की उम्मीद है। यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के विकास को नई दिशा देने के साथ-साथ राज्य में बुनियादी ढांचे की स्थितियों में सुधार लाएगा।

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