विभाग का कहना है कि यदि यह कार्य समय पर पूरा नहीं किया जाता है, तो संबंधित शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलेगा। इसके अलावा, उपयोगिता प्रमाण पत्र भी समय पर उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं, जिससे यह स्थिति और भी जटिल हो गई है।
बता दें की यह आदेश शिक्षा विभाग से सीधा ऊपर से आया है, और इसके बाद विश्वविद्यालयों में हड़कंप मच गया है। कर्मचारियों और शिक्षकों में इस आदेश को लेकर चिंता की लहर है, क्योंकि यदि उनका डाटा पोर्टल पर अपलोड नहीं किया जाता, तो उनका वेतन रुक सकता है।
दरअसल बिहार के शिक्षा विभाग ने कुलसचिवों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि सभी शिक्षकों और कर्मचारियों का डाटा पे-रोल मैनेजमेंट पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है। विभाग ने स्पष्ट रूप से यह निर्देश दिया है कि यदि किसी शिक्षक या कर्मचारी का डाटा पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया, तो उनका वेतन रोक दिया जाएगा।

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