खबर के अनुसार इस अभियान की शुरुआत शहरी क्षेत्र से हो चुकी है, और अब तक कई सरकारी कार्यालयों और बंगलों पर स्मार्ट मीटर इंस्टाल किए जा चुके हैं। स्मार्ट मीटर की विशेषता यह है कि यह अपने आप बिजली बिल जेनरेट कर देता है, जिससे उपभोक्ताओं को मैनुअल बिल जनरेशन की प्रक्रिया से मुक्ति मिल जाएगी।
फिलहाल यह मीटर पोस्ट पेड मोड में काम करेंगे, लेकिन भविष्य में सरकार की नीतियों के अनुसार इन्हें प्री पेड में बदला जा सकता है। अधिकारियों के अनुसार, अब तक लगभग 1700 उपभोक्ताओं के घरों और प्रतिष्ठानों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।
आपको बता दें की इस बदलाव के बाद उपभोक्ताओं को समय पर और सही बिल मिलेगा, और बिलिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी हो जाएगी। साथ ही साथ लोग अपने मोबाइल फोन से इस स्मार्ट मीटर को रिचार्ज कर घरों में बिजली की सप्लाई जारी रख सकेंगे।

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