स्वास्थ्य पर प्रभाव: यह स्थिति लड़कियों में कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है, जैसे हृदय रोग, मोटापा, गर्भपात और ओवेरियन और ब्रेस्ट कैंसर का खतरा। रिसर्च में यह भी सामने आया है कि 1950-60 के दशक के मुकाबले, लड़कियों में पीरियड्स औसतन 6 महीने पहले आ रहे हैं।
मुख्य कारण:
1 .मोटापा: लड़कियों में मोटापे के कारण एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जो पीरियड्स के जल्दी आने का कारण बनता है।
2 .तनाव: आज के समय में तनाव के कारण हार्मोनल असंतुलन उत्पन्न हो रहा है, जिससे पीरियड्स जल्दी शुरू हो सकते हैं।
3 .पर्यावरणीय रसायन: हमारे आसपास के हानिकारक रसायन भी हार्मोनल परिवर्तन का कारण बन सकते हैं। जिससे पीरियड्स जल्दी आ सकते हैं।
4 .कॉस्मेटिक उत्पाद: लड़कियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले कुछ कॉस्मेटिक उत्पादों में ऐसे तत्व हो सकते हैं जो हार्मोनल परिवर्तन का कारण बनते हैं।
5 .समय से पहले युवा: आज के समय में लड़कियां समय से पहले युवा हो रही हैं, जो जल्दी पीरियड्स आने का एक कारण हो सकता हैं।

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