नए निर्देशों के अनुसार सभी अधिकारियों को अब अपनी-अपनी पंचायतों में ऑनलाइन हाजिरी अनिवार्य रूप से दर्ज करनी होगी। इस नियम के विरोध में सचिव और अधिकारी 1 से 4 दिसंबर तक काली पट्टी बांधकर कार्य करते हुए अपनी नाराज़गी दर्ज कराएंगे।
क्यों हो रहा है विरोध?
अधिकारियों का मानना है कि यह व्यवस्था अचानक लागू की गई है और ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क समस्याओं, तकनीकी दिक्कतों व संसाधनों की कमी के कारण इसका पालन करना कठिन है। इसी वजह से जिम्मेदार पदाधिकारी इसे लागू न करने की मांग पर अड़े हुए हैं।
1–4 दिसंबर: काली पट्टी से विरोध
ग्राम विकास अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष राकेश तिवारी ने बताया कि 1 से 4 दिसंबर तक सचिव काली पट्टी बांधकर अपनी असहमति जताएंगे। 5 दिसंबर को सभी विकासखंडों में विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इसी दिन दोपहर 1 बजे मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन खंड विकास अधिकारियों को सौंपा जाएगा। यह विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्वक तरीके से लेकिन सख्त संदेश के साथ आयोजित किया जा रहा है।
भत्तों और भुगतान प्रणाली को लेकर भी नाराज़गी
यह विवाद केवल उपस्थिति प्रणाली तक सीमित नहीं है। प्रांतीय नेतृत्व डॉ. प्रदीप कुमार सिंह और नागेंद्र प्रताप कुशवाहा द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार: 10 दिसंबर को साइकिल भत्ता बढ़ाने की मांग को लेकर क्षेत्रीय भ्रमण बंद रहेगा। 15 दिसंबर को ई-ग्राम स्वराज की गेटवे भुगतान प्रणाली के खिलाफ भी प्रदर्शन किया जाएगा।
ऑनलाइन उपस्थिति के लिए नया प्लेटफॉर्म तैयार
सरकार ने उपस्थिति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए UP PRD पोर्टल पर उपलब्ध फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) आधारित, AI-ML तकनीक और जियो-फेंसिंग से संचालित नया प्लेटफ़ॉर्म सक्रिय कर दिया है। इस प्रणाली के तहत ग्राम सचिवों को अपनी उपस्थिति उस स्थान से देनी होगी जहाँ वे कार्यरत हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे वास्तव में पंचायत क्षेत्र में मौजूद हैं।
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