दरअसल पटना शहर में रहने के लिए कर्मचारी कई बड़े अधिकारियों को पैसा दिलाकर पटना में ट्रांसफर कराते हैं और लंबे समय तक यहां जमे रहते हैं। इसी को देखते हुए सरकार ने फैसला किया हैं की तीन साल से अधिक एक स्थान पर जमे कर्मचारियों का ट्रांसफर किया जायेगा।
बता दें की इस ट्रांसफर प्रक्रिया के दौरान पटना के शहरी क्षेत्र के कार्यालयों में काम करने वाले ज्यादातर कर्मचारियों को ग्रामीण क्षेत्र के कार्यालयों में भेजा गया हैं। वहीं करीब 200 कर्मचारी ग्रामीण क्षेत्र से शहरी क्षेत्र के कार्यालयों में बुलाए गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों को सरकार 4% हाउस रेंट देती हैं। जबकि शहरी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को सरकार 16% हाउस रेंट देती हैं। इसी कारण सैलरी में भी अंतर हो जाता हैं।

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