नई व्यवस्था लागू होने के बाद लोग घर बैठे कुछ ही मिनटों में अपनी पसंद के क्षेत्र का सर्किल रेट देख सकेंगे। इससे जमीन खरीदने से पहले सही जानकारी हासिल करना आसान होगा और अनावश्यक भागदौड़ से भी राहत मिलेगी।
ऑनलाइन मिलेगी हर क्षेत्र की जानकारी
प्रस्तावित पोर्टल पर जिला, तहसील और गांव या शहर का नाम दर्ज करते ही संबंधित क्षेत्र की कृषि, आवासीय और व्यावसायिक भूमि का सरकारी सर्किल रेट स्क्रीन पर दिखाई देगा। इससे खरीदार और विक्रेता दोनों को पहले से यह पता रहेगा कि संबंधित जमीन का सरकारी मूल्य कितना निर्धारित है।
रजिस्ट्री प्रक्रिया होगी अधिक पारदर्शी
सरकारी रेट सार्वजनिक होने से जमीन की खरीद-बिक्री में पारदर्शिता बढ़ेगी। बैनामा कराने के दौरान सर्किल रेट को लेकर होने वाले विवाद और भ्रम कम होंगे। साथ ही लोगों को सही जानकारी मिलने से फर्जीवाड़े और अनियमितताओं पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
राजस्व विभाग के काम में आएगी तेजी
एकीकृत पोर्टल का लाभ केवल आम नागरिकों को ही नहीं, बल्कि राजस्व विभाग को भी मिलेगा। सभी जिलों का डाटा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होने से रिकॉर्ड का प्रबंधन आसान होगा और कई प्रक्रियाएं पहले की तुलना में तेज गति से पूरी की जा सकेंगी।
हाईवे किनारे की जमीनों का रेट भी होगा अपडेट
प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में नई सड़क और हाईवे परियोजनाओं से प्रभावित जमीनों के सर्किल रेट अलग से तय किए जा रहे हैं। संबंधित विकास कार्य पूरा होने के बाद इन क्षेत्रों की संशोधित दरें भी पोर्टल पर अपडेट कर दी जाएंगी, जिससे लोगों को नवीनतम सरकारी मूल्य की जानकारी मिल सके।

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