बिहार: बाप-दादा की प्रॉपर्टी में किसका कितना अधिकार, जानें नया कानून

न्यूज डेस्क: बिहार में कई बार ऐसा देखने को मिलता है की घर में बंटवारा होने से पहले बाप-दादा की मौत हो जाती हैं। जिसके कारण घर में सम्पति को लेकर लड़ाई-झगड़े शुरू हो जाते हैं। आज इसी विषय में जननें की कोशिश करेंगे की बाप-दादा की प्रॉपर्टी में किसका कितना अधिकार होता हैं।

1 .क़ानूनी तौर पर बाप-दादा की मौत के बाद उनकी संपत्ति का आधा हिस्सा उनकी पत्नी को मिलना है और आधा हिस्सा उनके बच्चों को मिलता हैं।

2 .आमतौर पर बेटे को ही पिता का उत्तराधिकारी माना जाता है लेकिन साल 2005 के संशोधन के बाद क़ानून ये कहता है कि बेटा और बेटी को संपत्ति में बराबरी का हक़ है।

3 .क़ानूनी तौर पर संपत्ति के बंटवारे में बेटा और बेटी बराबर-बराबर पार्टनर मानी जाती हैं।

4 .बिहार सरकार द्वारा बनाये गए नए नियमों के मुताबिक पारिवारिक बंटवारे में बेटियों की हिस्सेदारी होगी। हां, अगर वह लिखकर इसकी मनाही करती हैं, तो अलग बात है।

5 . बेटियों अपने पिता के सम्पति पर अपना अधिकार जता सकती हैं।

6 .बिहार में भाई अगर बाप-दादा के जमीन बेचना चाहते हैं तो बहनों का हिस्सा सुरक्षित रहेगा या उसकी रजामंदी जरूरी होगी।

0 comments:

Post a Comment