खबर के मुताबिक ओडिशा आवश्यक सेवा (रख-रखाव) अधिनियम संशोधन विधेयक विधानसभा से पारित हो गया हैं। सीएम नवीन पटनायक की ओर से गृह राज्य मंत्री डीएस मिश्रा द्वारा सदन में पेश किए गए विधेयक को बहुमत के साथ पारित किया गया हैं।
इस विधेयक के पारित होने के बाद किसी भी व्यक्ति को अवैध हड़तालों के लिए उकसाने और उसे फंडिंग करते हुए पाया जाता है तो उसे जेल हो सकती है। साथ ही साथ उस व्यक्ति पर 5000 रुपये का जुर्माना भी लगाया जा सकता हैं। यह कानून लागू कर दिया गया हैं।
आपको बता दें की विधेयक के पारित होने के बाद उड़ीसा में कर्मचारियों द्वारा बुलाई गई किसी भी हड़ताल को अवैध माना जायेगा और अब उन्हें ऐसा करने की इजाजत नहीं होगी। खबर के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के कड़े विरोध के बावजूद ये विधेयक पास हो गया हैं।

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