पुश्तैनी जमीन क्या हैं: कानून के अनुसार पिता, दादा तथा परदादा से आपको मिली संपत्ति पुश्तैनी या पैतृक संपत्ति कहलाता हैं। हालांकि बेटे को पिता या दादा से अगर कोई संपत्ति उपहार में मिली है, उसे पैतृक या पुश्तैनी संपत्ति नहीं माना जाता है।
बिहार में पुश्तैनी जमीन पर किसका कितना अधिकार?
1 .बिहार में पुश्तैनी संपत्ति पर किसी व्यक्ति का जन्म से अधिकार होता हैं, उस अधिकारी से कोई बंचित नहीं कर सकता हैं।
2 .हिंदू उत्तराधिकारी संशोधन कानून 2005 के अनुसार बिहार में किसी भी पैतृक संपत्ति पर बेटे व बेटियों का बराबर हक होता है।
3 .अगर आपकी कोई जमीन आपके दादा या परदादा की हैं तो उस जमीन पर बेटा के साथ साथ बेटी का भी अधिकार हैं।
4 .अगर कोई बेटा पैतृक संपत्ति या जमीन पर बेटी को हिस्सा नहीं देता हैं तो वो इसपर अधिकार के लिए सिविल कोर्ट जा सकती हैं।
5 .कानून के मुताबिक पुश्तैनी जमीन को भी वसीयत की जा सकती है। लेकिन ऐसी वसीयत सिर्फ अपने हिस्से के जमीन की होगी।

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