बक्सर : बिहार में माँ की संपत्ति पर किसका अधिकार होता है?

बक्सर : बिहार में आपने पिता की संपत्ति पर अधिकार का बहुत जिक्र सुना होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं की माँ की संपत्ति पर किस व्यक्ति का कितना अधिकार होता हैं। आज इसी विषय में कानून के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे की माँ की संपत्ति पर किसका अधिकार होता है। 

कानून के अनुसार अगर कोई महिला अपने जीवनकाल में ख़ुद से कोई संपत्ति अर्जित करती है या उसे पति, पिता या मां से प्राप्त होती हैं तो बेटा या बेटी मां के जीवनकाल में उस पर किसी प्रकार का दावा नहीं कर सकते हैं। हालांकि मां चाहें तो उसे वसीहत कर सकती हैं। 

वहीं अगर बिना वसीहत के मां की मृत्यु हो जाती हैं तो उनके संपत्ति पर हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के तहत उनके बच्चों और अन्य परिवार के सदस्य जो प्रथम श्रेणी के उत्तराधिकारी होते हैं उनके बीच संपत्ति का बंटवारा किया जाता है।

बिहार में माँ की संपत्ति पर किसका अधिकार होता है?

1 .यदि महिला की मृत्यु बिना वसीयत के होती है तो उनकी संपत्ति विवाहित-अविवाहित बेटा-बेटी, और परिवार के प्रथम श्रेणी के उत्तराधिकारी को प्राप्त होता हैं। 

2 .दरअसल पिता की संपत्ति में बेटियों को बराबर का हिस्सेदार माना गया है, ठीक वैसे ही मां की संपत्ति में भी उनको अधिकार दिया गया है।

3 .मां की संपत्ति में पति, बेटा, बेटी (विवाहित और अविवाहित), बेटी के बच्चे और बेटे के बच्चे अधिकार प्राप्त कर सकते हैं। 

नोट : बता दें की ये जानकारी हिंदू उत्तराधिकार क़ानून के तहत दी गई हैं। 

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