भारत के लिए 'जेट इंजन' बनाना क्यों हैं जरूरी?

नई दिल्ली: जेट इंजन एक प्रकार का विमान इंजन है जो हवाई जहाजों को उड़ाने के लिए आवश्यक शक्ति उत्पन्न करता है। यह थ्रस्ट उत्पन्न करने के लिए हवाई वायु को तेजी से पीछे की ओर खींचता है। दुनिया में अमेरिका, ब्रिटेन, रूस और फ्रांस ही जेट इंजन बनाते हैं। 

एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत के लिए खुद का जेट इंजन बनाना बहुत जरुरी हैं। ताकि भारत अंतरराष्ट्रीय बाजार में दुनिया के देशों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकें। आज के समय में सिर्फ अमेरिका, ब्रिटेन, रूस और फ्रांस ही जेट इंजन बनाते हैं और ये देश अक्सर भारत को जेट इंजन की सप्लाई में देरी करते हैं।

भारत के लिए 'जेट इंजन' बनाना क्यों हैं जरूरी?

1 .स्वदेशी विकास: अपनी तकनीक और अनुसंधान को विकसित करके भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ सकता है। यह देश की रक्षा और नागरिक उड्डयन उद्योग में आत्मनिर्भरता बढ़ाने में मदद करेगा।

2 .रक्षा सुरक्षा: जेट इंजन का स्वदेशी उत्पादन भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करेगा। इससे भारत अपने सैन्य विमान और हेलिकॉप्टर के लिए आवश्यक इंजनों की निर्भरता को कम कर सकता है।

3 .आर्थिक लाभ: जेट इंजन बनाने से नई नौकरियों का सृजन होगा और उच्च तकनीकी उद्योग का विकास होगा, जिससे अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

4 .वैश्विक प्रतिस्पर्धा: यदि भारत जेट इंजन के क्षेत्र में मजबूत होता है, तो यह अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकता है, जो विदेशी बाजारों में विस्तार के अवसर प्रदान करता है।

5 .अनुसंधान और विकास: जेट इंजन बनाने में अनुसंधान और विकास को बढ़ावा मिलेगा। जिससे नई तकनीकों और नवाचारों का विकास होगा।

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