बुढ़ापे में मिलेगा जवानी का जोश, नस नस में ताकत!

हेल्थ डेस्क: आयुर्वेद में एक महत्वपूर्ण औषधि हैं सत्यानाशी पौधे (Prickly Poppy), जो पुरुषों के लिए बहुत फायदेमंद हैं। इस पौधे के जड़ों और पत्तियों से निकलने वाला रस और पत्तियों का चूर्ण शारीरिक कमजोरी, नपुंसकता, और वृद्धावस्था की थकान जैसी समस्याओं को दूर करता हैं।

सत्यानाशी के उपयोग के प्रमुख फायदे:

1 .सत्यानाशी के रस और चूर्ण का नियमित सेवन शरीर में ऊर्जा और ताकत का संचार करता है, जिससे वृद्धावस्था में भी व्यक्ति युवा जैसा जोश महसूस करता है।

2 .इस पौधे के सेवन से नपुंसकता की समस्या भी दूर हो सकती है, और यह उन पुरुषों के लिए वरदान माना जाता है जो इस समस्या से जूझ रहे हैं।

3 .इसके सेवन से डायबिटीज, खुजली, पीलिया, पेट दर्द, खांसी और यूरिन संबंधी समस्याओं में भी लाभ होता है। इससे कई तरह की समस्या दूर हो जाती हैं।

सत्यानाशी का सेवन करने के तरीके: इसके पौधे की जड़ों और पत्तियों को पीसकर उसका रस निकालें और इसे रोजाना 20 मिलीलीटर तक सेवन करें। वहीं, सत्यानाशी की पत्तियों को सुखाकर उनका चूर्ण बना लें और रोजाना एक-एक चम्मच चूर्ण सुबह और शाम पानी या दूध के साथ सेवन करें।

बुढ़ापे में युवाओं जैसी शक्ति: पतंजलि के आयुर्वेदाचार्य भुवनेश पांडे बताते हैं कि पुरुषों के लिए सत्यानाशी बहुत फायदेमंद हैं। इससे निकलने वाले रस की एक एक बूंद में इतनी शक्ति होती है कि बुढ़ापे में भी शरीर को जवानी के जोश से भर देता है

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