9 अक्टूबर को DBT से भेजने की तैयारी
मिली जानकारी के मुताबिक, राहत राशि 9 अक्टूबर को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए लाभार्थियों के खातों में भेजे जाने की तैयारी है। यानी दुर्गापूजा से पहले प्रभावित परिवारों को आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद है। इससे पहले भी राज्य सरकार की ओर से 8,27,472 बाढ़ प्रभावित परिवारों को करीब 579.23 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है।
राहत शिविर में सीएम ने परोसा खाना
मुख्यमंत्री ने पश्चिम चंपारण के बैरिया प्रखंड में राहत शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां रह रहे लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली और सामुदायिक रसोई में खुद लोगों को भोजन परोसा। इसके बाद अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत कार्यों की समीक्षा की गई।
राहत शिविर और राशन की व्यवस्था
सरकार ने निर्देश दिया है कि जब तक बाढ़ की स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती, प्रभावित इलाकों में सामुदायिक रसोई चलती रहें। जरूरतमंद लोगों को सूखा राशन और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराने के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
बाढ़ के स्थायी समाधान पर भी काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपाल की तराई से आने वाले पानी के कारण कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनती है। स्थायी समाधान की दिशा में कोसी और महानंदा नदी का वैज्ञानिक सर्वे कराया जा रहा है। सरकार का कहना है कि पानी घटने के साथ कई इलाकों में हालात जल्द सामान्य होने की उम्मीद है।
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