नई व्यवस्था में 25 साल की नियमित सेवा पूरी करने वाले कर्मचारी को रिटायरमेंट से पहले के लगातार 12 महीनों के औसत मूल वेतन का 50 फीसदी पेंशन के रूप में मिलने का प्रावधान है। वहीं, जिन कर्मचारियों की सेवा अवधि 10 से 25 साल के बीच है, उनकी पेंशन सेवा के अनुपात के आधार पर तय की जाएगी। कम से कम 10 साल की अर्हकारी सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों के लिए 10 हजार रुपये मासिक न्यूनतम पेंशन का प्रावधान रखा गया है।
परिवार को मिलेगी 60 फीसदी पेंशन
UPS में कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसके परिवार के लिए भी पेंशन का प्रावधान है। इसके तहत पात्र पेंशनभोगी की सुनिश्चित पेंशन की 60 फीसदी राशि पारिवारिक पेंशन के रूप में दी जाएगी। इससे कर्मचारी के परिवार को नियमित आर्थिक सहायता मिलती रहेगी।
रिटायरमेंट पर एकमुश्त भुगतान
नई व्यवस्था में सेवानिवृत्ति के समय एकमुश्त राशि देने का भी प्रावधान है। प्रत्येक छह महीने की पूरी सेवा के लिए अंतिम मूल वेतन और महंगाई भत्ते को मिलाकर बनी राशि के दसवें हिस्से के बराबर भुगतान किया जाएगा।
NPS में निवेश का भी विकल्प
UPS के साथ NPS अंशदाताओं के लिए निवेश से जुड़े विकल्पों में भी बदलाव किया गया है। कर्मचारी स्वचालित निवेश विकल्प चुन सकते हैं, जिसमें अलग-अलग परिसंपत्तियों में योगदान का अनुपात तय रहेगा। इसके अलावा सक्रिय विकल्प के तहत कर्मचारी अपने योगदान के निवेश का आवंटन खुद तय कर सकेंगे।
UPS का विकल्प चुनने वाले कर्मचारियों को सेवा अवधि के दौरान एक बार NPS में वापस जाने का अवसर भी दिया गया है। इस तरह नई व्यवस्था में पेंशन के साथ-साथ परिवार की सुरक्षा और रिटायरमेंट के समय मिलने वाले लाभों को भी शामिल किया गया है।

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