गर्म पानी से नहाने पर मर्दों में कम हो सकता हैं 'वीर्य'

हेल्थ डेस्क: सर्दियों के मौसम में गर्म पानी से नहाने पर कुछ हद तक मर्दों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है, लेकिन इसके सीधे तौर पर वीर्य की कमी से संबंधित कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं। हालांकि अगर आप गर्म पानी वाले बाथ टब में 10 मिनट से ज्यादा समय के लिए रहते हैं, तो इससे स्पर्म काउंट प्रभावित हो सकता है।

एक शोध के मुताबिक गर्म पानी से नहाने से शरीर का तापमान बढ़ता है, और अत्यधिक गर्मी से पुरुषों के जननांगों (अंडकोष) का तापमान भी बढ़ सकता है। अंडकोष का सामान्य तापमान 34-36°C होना चाहिए, जो शुक्राणुओं के निर्माण के लिए आदर्श है। यदि अंडकोष अधिक गर्म हो जाता है, तो यह शुक्राणुओं के निर्माण (स्पर्मेटोजेनेसिस) में व्यवधान डाल सकता है।

इसलिए, बहुत ज्यादा गर्म पानी से नहाना, लंबे समय तक गर्मी के संपर्क में रहना, या ज्यादा समय तक गर्म पानी में रहने से शुक्राणुओं की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है, लेकिन यह प्रभाव स्थायी नहीं होता और सामान्य तापमान पर लौटने के बाद स्थिति ठीक हो सकती है।

गर्म पानी में नहाना और पुरुषों की फर्टिलिटी:

UCSF (University of California, San Francisco) की एक स्टडी में यह पाया गया है कि हॉट टब, स्टिम बाथ, या ज्यादा देर तक गर्म पानी में नहाने से पुरुषों की शुक्राणु गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। गर्म पानी से अंडकोष का तापमान बढ़ सकता है, जिससे शुक्राणु का उत्पादन प्रभावित हो सकता है। हालांकि, कुछ स्टडी में इसे अस्थायी असर और उपचार योग्य माना गया है, यानी सही आदतों को अपनाने से स्थिति सुधार सकती है।

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