बता दें की इस गिरावट के पीछे अमेरिका में हाल ही में जारी हुई जॉब रिपोर्ट का बड़ा हाथ है, जिसने यह स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व इस साल ब्याज दरों में कोई बड़ी कटौती नहीं करेगा। इससे अमेरिकी डॉलर को मजबूती मिली है, और भारतीय रुपये पर दबाव बढ़ा है। डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरावट के साथ-साथ भारतीय शेयर बाजार भी दबाव में दिख रहे हैं।
शेयर बाजार की स्थिति भी चिंताजनक है। सेंसेक्स में 800 अंक की गिरावट आई, जबकि निफ्टी 23,200 के नीचे पहुंच गया। इस गिरावट के कारण बीएसई लिस्टेड कंपनियों के मार्केट कैप में लगभग 4.53 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है, जिससे यह घटकर 225.14 लाख करोड़ रुपये रह गया। इस दौरान प्रमुख कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट देखने को मिली है, जिनमें डीमार्ट को ऑपरेट करने वाली कंपनी एवेन्यू सुपरमार्ट्स के शेयर करीब छह प्रतिशत तक टूट गए हैं।
सुबह 10 बजे के आंकड़ों के अनुसार, सेंसेक्स 655.24 अंक यानी 0.85% की गिरावट के साथ 76,723.67 अंक पर कारोबार कर रहा था, वहीं निफ्टी 50 इंडेक्स में 221.45 अंक यानी 0.95% की गिरावट आई और यह 23,210.05 अंक पर आ गया। इस आर्थिक माहौल में भारतीय रुपये की गिरावट और शेयर बाजार की मंदी ने देश के आर्थिक भविष्य को लेकर चिंताएं पैदा कर दी हैं।

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