सूत्रों के अनुसार, इस सौदे में 22 एकल सीट वाले समुद्री राफेल लड़ाकू जेट और चार दोहरे सीट वाले प्रशिक्षक विमान शामिल होंगे। इसके साथ ही हथियारों, सिमुलेटरों, चालक दल के प्रशिक्षण और पांच साल के प्रदर्शन आधारित रसद समर्थन का भी प्रावधान किया गया है। यह सौदा भारतीय वायुसेना में पहले से शामिल 36 राफेल विमानों के लिए कलपुर्जों के अधिग्रहण से जुड़ा हुआ है।
बता दें की यह सौदा अब प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) की अंतिम मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राफेल मरीन लड़ाकू जेट भारतीय नौसेना की ताकत को और मजबूत करेंगे और इसे समुद्री मोर्चे पर और प्रभावी बना देंगे।
इस सौदे के तहत, भारतीय नौसेना को न केवल अत्याधुनिक लड़ाकू विमान मिलेंगे, बल्कि इसके साथ-साथ भारतीय पायलटों और तकनीकी कर्मचारियों को उन्नत प्रशिक्षण भी मिलेगा। यह समझौता भारतीय नौसेना के संचालन और रणनीतिक दृष्टिकोण के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

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