बता दें की नकली नोटों से बचने के लिए जागरूकता बहुत जरूरी है। यदि आप बिहार या अन्य किसी राज्य में रहते हैं, तो 500 रुपये के नकली नोटों के बारे में सजग रहें और हमेशा ऊपर दिए गए संकेतों का पालन करके इनकी पहचान करें। इस संदर्भ में पुलिस और बैंकों से भी मदद ली जा सकती है ताकि आप सुरक्षित रहें और धोखाधड़ी से बच सकें।
नकली नोटों की पहचान के लिए कुछ महत्वपूर्ण बिंदु:
1 .नकली नोटों में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की स्पेलिंग में "Resarve" की जगह "Reserve" छपा हुआ पाया गया है। यह स्पेलिंग की गलती असली और नकली नोट के बीच महत्वपूर्ण अंतर है।
2 .500 रुपये के असली नोट के बीच में महात्मा गांधी की स्पष्ट तस्वीर छपी होती है। वहीं, नकली नोटों में यह छवि हल्की या धुंधली हो सकती है।
3 .असली 500 रुपये के नोट में एक रंगीन सुरक्षा धागा होता है, जो नोट को झुकाने पर हरे से नीले रंग में बदल जाता है। नकली नोट में यह धागा नहीं होता, या फिर उसकी गुणवत्ता खराब होती है।
4 .असली नोट में एक "500" का वाटरमार्क होता है, जो केवल हल्के प्रकाश में देखा जा सकता है। नकली नोटों में यह पानी से बनाए गए सुरक्षा चिह्न का अभाव होता है।
5 .असली नोट में दाईं तरफ अशोक स्तंभ का चिन्ह होता है, जो उभरी हुई डिजाइन में होता है। यह चिन्ह नकली नोटों में सही से उभरा हुआ नहीं होता।
6 .असली नोट में महात्मा गांधी की छवि और अशोक स्तंभ का चिन्ह उभरा हुआ होता है, जिसे नेत्रहीन व्यक्ति अपनी अंगुलियों से महसूस कर सकते हैं। नकली नोटों में यह सुविधा नहीं होती।
7 .असली नोटों की प्रिंटिंग बहुत स्पष्ट और उच्च गुणवत्ता वाली होती है, जबकि नकली नोटों की प्रिंटिंग अक्सर धुंधली या रंग फीके होती है।
8 .असली नोटों में एक विशिष्ट सुरक्षा धागा होता है, जो नोट को तोड़ने पर नजर आता है। नकली नोटों में यह धागा अक्सर मौजूद नहीं होता या फिर इसकी गुणवत्ता खराब होती है।

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