मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत यह योजना लॉन्च की गई है, जो विशेष रूप से उन युवाओं को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई है जो व्यापार और उद्यमिता में रुचि रखते हैं। दरअसल इस अभियान के तहत युवा उद्यमियों को अपनी कड़ी मेहनत और लगन से छोटे उद्यम स्थापित करने की प्रेरणा मिलेगी। यह योजना उत्तर प्रदेश के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है, क्योंकि छोटे और मझोले उद्यम राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ होते हैं।
योजना के मुख्य पहलू:
1 .लोन राशि और ब्याज: इस योजना में चयनित युवाओं को 5 लाख रुपये तक का लोन बिना ब्याज के दिया जाएगा, जिससे उन्हें अपनी छोटी उद्यमिक गतिविधियों की शुरुआत करने में सहूलियत होगी।
2 .पात्रता मानदंड: इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदकों को कुछ पात्रता मानदंडों को पूरा करना होगा। न्यूनतम योग्यता कक्षा 8 पास होनी चाहिए, और आवेदक की आयु 21 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
3 .एमएसएमई पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन: युवाओं को इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग) पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद चयनित आवेदकों को लोन देने की प्रक्रिया शुरू होगी।
4 .आंशिक योगदान: इस लोन योजना में आवेदकों को प्रोजेक्ट की लागत का एक छोटा हिस्सा अंशदान के रूप में जमा करना होगा। सामान्य श्रेणी के लाभार्थियों को 15 प्रतिशत, ओबीसी को 12.5 प्रतिशत, और एससी-एसटी एवं दिव्यांग लाभार्थियों को 10 प्रतिशत अंशदान देना होगा।
5 .मार्जिन मनी और अनुदान: इस योजना में प्रोजेक्ट की लागत पर 10 प्रतिशत मार्जिन मनी के अनुदान का भी प्रावधान है, जो लोन की राशि पर आधारित होगा। यह अनुदान युवाओं को व्यवसाय शुरू करने में अतिरिक्त सहायता प्रदान करेगा।
6 .धनराशि जमा करने की सुविधा: जब युवा अपना कारोबार स्थापित कर लेंगे, तो उन्हें 6 महीने तक बैंक में किसी भी प्रकार का पैसा जमा नहीं करना होगा। 6 महीने के बाद, बैंक द्वारा निर्धारित धनराशि को बिना ब्याज के जमा करना होगा।
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