1 .हरे चारे की उपलब्धता और किसानों की आय: मुख्यमंत्री ने गोवंश के लिए हरे चारे की अधिकाधिक उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए किसानों को प्रेरित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हरा चारा किसानों की आमदनी बढ़ाने का एक बड़ा स्रोत हो सकता है, और इसके लिए उन्हें उचित रेट पर खरीदी की जाएगी। इस दिशा में किसानों को जागरूक करने के लिए गोष्ठी आयोजित करने का सुझाव भी दिया गया।
2 .गोष्ठी और एफपीओ से संपर्क: मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि हरे चारे की खपत का आंकलन किया जाए और उसकी आपूर्ति के लिए किसानों और एफपीओ (कृषि उत्पादक संगठनों) से संपर्क किया जाए। इससे किसानों के बीच हरे चारे के उत्पादन को लेकर रुझान बढ़ेगा, जिससे उनकी आय में भी वृद्धि होगी।
3 .वेयरहाउस का निर्माण: किसानों को हरा चारा उपजाने के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ, इसके भंडारण के लिए वेयरहाउस बनाने का निर्णय लिया गया है। विशेष रूप से, मकई, ज्वार, बाजरा और बरसीम जैसे हरे चारे की फसलें तीन से चार महीने तक चलती हैं, जिसके लिए उपयुक्त वेयरहाउस की आवश्यकता होगी। जिलाधिकारियों को इस कार्य की जिम्मेदारी सौंपते हुए, उन्हें प्रॉपर मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए गए।
4 .गोशालाओं में सीसीटीवी और सुरक्षा: मुख्यमंत्री ने गो आश्रय स्थलों में शत-प्रतिशत सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया, ताकि गोवंश की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा, सड़क किनारे स्थित गांवों के पशुपालकों के गोवंश के गले में रेडियम पट्टी लगाने की बात कही गई, ताकि रात के समय उनकी सुरक्षा बेहतर हो सके।
5 .ग्रीष्म और शीत ऋतु से बचाव: मुख्यमंत्री ने गोशालाओं में ग्रीष्म और शीत ऋतु से बचाव के लिए पफ पैनल की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए। यह कदम गोवंश की सर्दी-गर्मी से रक्षा करने के लिए उठाया जाएगा, ताकि उनकी भलाई सुनिश्चित हो सके।

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