बता दें की इस योजना का उद्देश्य ट्रैफिक नियमों को सख्ती से लागू करना और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना है। AI तकनीक की मदद से इन कैमरों को स्थापित किया जाएगा, जो ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हुए वाहनों की पहचान करेंगे और स्वचालित रूप से चालान जारी करेंगे। इसमें हेलमेट न पहनने, रेड लाइट क्रॉस करने, गति सीमा से अधिक तेज़ चलने जैसे उल्लंघन शामिल होंगे।
प्रदेश सरकार ने इस योजना के लिए चौराहों पर हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे और एएनपीआर सिस्टम लगाने का निर्णय लिया है। कैमरों को मार्च 2025 तक सभी 26 जिलों में स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। अप्रैल 2025 से चालान काटने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
यह कदम ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर कड़ी नजर रखने और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए उठाया गया है। AI के जरिए चालान की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑटोमेटेड होगी, जिससे किसी भी मानवीय त्रुटि की संभावना कम होगी। यह पहल बिहार में ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।

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