शिक्षकों के बारे में AECS की टिप्पणियाँ
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि आज तक यह मुद्दा उठाने का मौका नहीं मिला था कि हमारे शिक्षक बच्चों को क्या पढ़ा रहे हैं या नहीं पढ़ा रहे हैं। उनका मुख्य उद्देश्य यही है कि बच्चों को बेहतर शिक्षा मिले। इसके लिए सरकार हर साल करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन यदि शिक्षा की गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं होता है, तो यह निवेश व्यर्थ साबित होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि लगातार निरीक्षणों से स्कूलों में बच्चों और शिक्षकों की उपस्थिति में सुधार देखने को मिला है। बच्चे लगातार स्कूल पहुंच रहे हैं, लेकिन यह जरूरी है कि शैक्षणिक गुणवत्ता भी उतनी ही बेहतर हो जितना कि उपस्थिति का प्रतिशत है।
अभिभावकों से फीडबैक लिया जाएगा
अब शिक्षा विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि बच्चों को सही ढंग से पढ़ाया जा रहा है या नहीं। इसके लिए निरीक्षण के दौरान अभिभावकों से भी फीडबैक लिया जाएगा। इससे स्कूलों के माहौल और शिक्षकों की कार्यप्रणाली के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी।
टाइम पास करने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई
जिन शिक्षकों को केवल स्कूल में वक्त बर्बाद करने और बच्चों को बिना पढ़ाए छुट्टी लेने की आदत हो, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ACS ने स्पष्ट किया कि शिक्षा विभाग का यह कदम शिक्षकों के लिए एक चेतावनी है कि अगर वे अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाएंगे तो उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा।
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