इस समस्या को हल करने के लिए, राज्य सरकार ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) पर विशेष डिलीवरी पाइंट स्थापित करने का निर्णय लिया है। इन पाइंट्स के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को अस्पताल जैसी सुविधाएं और सुरक्षित प्रसव का अवसर मिलेगा। इसके तहत हर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक कक्ष को चिन्हित किया जाएगा और सभी आवश्यक प्रसव उपकरणों को वहां रखा जाएगा। इससे गर्भवती महिलाओं को अस्पतालों के बाहर भी सुरक्षित प्रसव की सुविधा मिल सकेगी।
डिलीवरी पाइंट्स का निर्माण कार्य राज्य के विभिन्न जिलों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर किया जाएगा। इसके लिए केंद्रों के मूल्यांकन के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है। यह टीम प्रत्येक जिले में जाकर रिपोर्ट तैयार करेगी और उसे शासन को भेजेगी। इस प्रक्रिया के तहत जिलों में इन पाइंट्स के कार्यान्वयन की निगरानी की जाएगी और उन्हें समय पर शुरू किया जाएगा।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के महाप्रबंधक डॉ. रवि प्रकाश दीक्षित ने अमरोहा, बागपत, बाराबंकी, बरेली, बदायूं, चित्रकूट, एटा, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, फिरोजाबाद, गोंडा, हरदोई, हाथरस, कन्नौज, मथुरा, मेरठ, मुरादाबाद, पीलीभीत, रामपुर, सहारनपुर, संभल, शाहजहांपुर, शामली, सिद्धार्थ नगर, सोनभद्र और उन्नाव के जिलाधिकारियों (DM) और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (CMO) को लेटर जारी किया है, जिसमें उन्हें अपने-अपने जिलों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डिलीवरी पाइंट स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।

0 comments:
Post a Comment